जम्मू-कश्मीर: स्थाई गठबंधन की सरकार चाहती है बीजेपी
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विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद पिछले 13 दिनों से जम्मू कश्मीर में सरकार के गठन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति आज भी साफ नहीं हो सकी। सरकार बनाने के संबंध में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर भाजपा कोट कमेटी के सदस्यों को दिल्ली बुलाया था। घंटा भर चली चर्चा के बाद भी पार्टी किसी ठोस नजीते पर नहीं पहुंच सकी है।
बैठक में पीडीपी के साथ गठबंधन को लेकर चर्चा की गई। पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन की बात कही है लेकिन पीडीपी ने अपनी शर्तें भी भाजपा को बता दी हैं। पीडीपी की शर्तें मानना भाजपा के लिए आसान नहीं है। बैठक में बीच का रास्ता निकलने का प्रयास किया गया। सूत्रों का कहना है कि बैठक में हिंदू सीएम का मुद्दा भी उठाया गया। बता दें कि भाजपा रियासत में अपना सीएम चाहती है तो पीडीपी अपना।
जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के मसले पर भाजपा अधयक्ष अमित शाह से बातचीत करने के लिए दिल्ली पहुंचे जुगल किशोर का कहना है कि, पार्टी रियासत में एक स्थाई सरकार चाहती है इसके लिए सभी दलों से बातचीत जारी है और सभी विकल्प खुले हैं। हम गठबंधन की ऐसी सरकार चाहते हैं जो स्थाई हो, जल्द ही सरकार बनाने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में दोपहर बाद हुई बैठक में हिस्सा लेने के लिए जम्मू कश्मीर से भाजपा कोर ग्रुप में शामिल प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, राष्ट्र्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शमशेर सिंह, विधायक डा. निर्मल सिंह, विधायक बाली भगत, कविंद्र गुप्ता, महासचिव संगठन अशोक कौल, वरिष्ठ नेता अशोक खजूरिया और राजीव जसरोटिया राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली पहुंचे।
कोर कमेटी में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह भी शामिल हैं और वह पहले से ही दिल्ली में थे। प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा ने दिल्ली जाने से पहले ‘अमर उजाला’ को बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बुलावे पर प्रदेश के भाजपा नेता दिल्ली जा रहे हैं और उम्मीद है कि सरकार गठन और गठबंधन पर अहम चर्चा होगी।
शाह के फैसले पर पीडीपी की खास नजर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की प्रदेश भाजपा कोर कमेटी को दिल्ली तलब किए जाने और होने वाली बैठक पर पीडीपी की भी खास नजर है। रियासत में चुनावी नजीते आए 13 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक सरकार गठन को लेकर कोई ठोस नजीता नहीं निकाला जा सका है।
छह जनवरी को भाजपा और पीडीपी के नेताओं की एक अहम बैठक दिल्ली में होनी है। इस बैठक में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर भी चर्चा होगी। सीमा पर बने तनावपूर्ण माहौल के बीच अगर ये वार्ता होती है तो जम्मू-कश्मीर को जल्द ही नया सीएम मिल सकता है।
पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि हम भाजपा को अपनी शर्तें बता चुके हैं अब भाजपा को फैसला लेना है। हम रियासत में केवल एक स्थाई सरकार चाहते हैं जो अवाम के हित में काम करे और सीमा पर लगातार बरकरार तनावपूर्ण स्थिति को खत्म कर आतंकवाद का खात्मा कर सके।
नईम अख्तर का कहना है कि पीडीपी अनौपचारिक बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। फैसला अब भाजपा नेतृत्व को करना है। जम्मू कश्मीर में सरकार गठन पर भाजपा और पीडीपी के नेता गठबंधन के संकेत पहले ही दे चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना हों या प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, यह कह चुके हैं कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर में स्थायी सरकार चाहती है और इस दिशा में वार्ता जारी है। इसी तरह पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की तारीफ कर भाजपा से गठबंधन के संकेत दे चुकी हैं।