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Jammu News: वित्तीय धोखाधड़ी के संभावित तरीकों पर लोग किए जाए जागरूक
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वित्तीय धोखाधड़ी के संभावित तरीकों पर लोग किए जाए जागरूक
- छात्रों, एसएचजी सदस्यों को जोड़ा जाए, हर परिवार तक पहुंचे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वित्तीय धोखाधड़ी के संभावित तरीकों के बारे में जनता के बीच पर्याप्त जागरूकता पैदा की जाए। छात्रों और एसएचजी सदस्यों के बीच आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने का भी आह्वान किया ताकि यहां के प्रत्येक परिवार को इन धोखेबाजों से खुद को ठगने से बचाने के बारे में
जागरूकता फैल सके। यह बातमुख्य सचिव अटल डुल्लू ने अनधिकृत जमा अनियमित संस्थाओं की धोखाधड़ी गतिविधियों और बाजार खुफिया जानकारी साझा करने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुलाई गई केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समन्वय समिति (यूटीएलसीसी) की 34 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
इस बैठक के दौरान डुल्लू ने पुलिस संवेदीकरण कार्यक्रमों के संचालन, जन जागरूकता सृजन के लिए गतिविधियों, अनधिकृत जमा और डिजिटल ऋण के लंबित धोखाधड़ी मामलों में हुई प्रगति सहित कार्रवाई बिंदुओं की भी समीक्षा की।
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उन्होंने सार्वजनिक धन की सुरक्षा के लिए इन मोर्चों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (बीयूडीएस) अधिनियम, 2019 के व्यापक उपयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर आरबीआई के जीएम नीरज कुमार ने ऑनलाइन क्षेत्र में बढ़ती धोखाधड़ी गतिविधियों से निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले विभिन्न कदमों पर प्रकाश डाला और इस तरह की धोखाधड़ी को कम करने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण का आह्वान किया।
बैठक में जम्मू-कश्मीर में अनधिकृत जमा और ऋण देने वाले ऐप्स से संबंधित धोखाधड़ी के हालिया घटनाक्रम पर भी चर्चा की गई।
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- छात्रों, एसएचजी सदस्यों को जोड़ा जाए, हर परिवार तक पहुंचे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वित्तीय धोखाधड़ी के संभावित तरीकों के बारे में जनता के बीच पर्याप्त जागरूकता पैदा की जाए। छात्रों और एसएचजी सदस्यों के बीच आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने का भी आह्वान किया ताकि यहां के प्रत्येक परिवार को इन धोखेबाजों से खुद को ठगने से बचाने के बारे में
जागरूकता फैल सके। यह बातमुख्य सचिव अटल डुल्लू ने अनधिकृत जमा अनियमित संस्थाओं की धोखाधड़ी गतिविधियों और बाजार खुफिया जानकारी साझा करने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुलाई गई केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समन्वय समिति (यूटीएलसीसी) की 34 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
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इस बैठक के दौरान डुल्लू ने पुलिस संवेदीकरण कार्यक्रमों के संचालन, जन जागरूकता सृजन के लिए गतिविधियों, अनधिकृत जमा और डिजिटल ऋण के लंबित धोखाधड़ी मामलों में हुई प्रगति सहित कार्रवाई बिंदुओं की भी समीक्षा की।
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उन्होंने सार्वजनिक धन की सुरक्षा के लिए इन मोर्चों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (बीयूडीएस) अधिनियम, 2019 के व्यापक उपयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर आरबीआई के जीएम नीरज कुमार ने ऑनलाइन क्षेत्र में बढ़ती धोखाधड़ी गतिविधियों से निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले विभिन्न कदमों पर प्रकाश डाला और इस तरह की धोखाधड़ी को कम करने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण का आह्वान किया।
बैठक में जम्मू-कश्मीर में अनधिकृत जमा और ऋण देने वाले ऐप्स से संबंधित धोखाधड़ी के हालिया घटनाक्रम पर भी चर्चा की गई।