{"_id":"5d6c40668ebc3e93cb763acb","slug":"peace-in-downtown-traffic-moving-smoothly","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाउनटाउन की सड़कों पर न पत्थरबाज और न ही अलगाववादी, सुचारू रूप से हो रहा है आवागमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाउनटाउन की सड़कों पर न पत्थरबाज और न ही अलगाववादी, सुचारू रूप से हो रहा है आवागमन
Mon, 02 Sep 2019 03:34 AM IST
Trainee Trainee
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, श्रीनगर
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 02 Sep 2019 03:34 AM IST
विज्ञापन
कश्मीर के हालात में हो रहा तेजी सुधार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटी में सबसे अधिक संवेदनशील स्थानों में शामिल श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके की सड़कों पर इन दिनों न तो पत्थरबाज दिख रहे हैं और न ही अलगाववाद समर्थक। सड़कों पर आवागमन सुचारू है। बिना किसी डर भय के लोग आ जा रहे हैं। जगह-जगह आधी सड़क पर कंटीले तार एहतियातन लगा रखे गए हैं जो माहौल की गंभीरता की कहानी बयां कर रहे हैं।
यह पूरा इलाका पत्थरबाजी के लिए कुख्यात माना जाता रहा है। यहां पुरुष से लेकर महिलाएं भी सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में शामिल रहती थीं, लेकिन राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद से इस इलाके में न तो पथराव की कोई बड़ी घटना हुई और न ही हिंसा की। बकरीद पर भी यहां पत्थर नहीं चले।
डाउनटाउन के खयाम रोड पर लोगों का आना जाना सुचारू है। महिलाएं, बच्चे, बड़े-बुढ़े सभी बिना किसी खौफ के आ जा रहे हैं। जगह-जगह सुरक्षा बल के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं। नौपोरा, नौहट्टा, राजोरीकदल, जामिया मस्जिद, गोजवारा, बोरीकदल आदि इलाकों में सब कुछ सामान्य दिखा। इन इलाकों में दुकानें जरूर बंद हैं, लेकिन रेहड़ी पर फल और सब्जियां बिक रही हैं।
विज्ञापन
गलियों में युवा और बच्चे क्रिकेट खेलते हुए तो कुछ लोग कैरम भी खेलते दिखे। एहतियातन महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। खानयार चौक पर सुरक्षा बलों की ज्यादा मौजूदगी दिखी। यहां चौराहे पर कबूतरों ने कब्जा जमा रखा है। कुछ लोग इन्हें दाना देते हुए भी दिखे।
इलाके में कुछ दुकानें भी आधा शटर गिराकर खुले हुए दिखे, जहां लोग जरूरत के सामान खरीद रहे थे। लोग बंद पड़ी दुकानों के बाहर सीढ़ियों पर बैठे आपस में चर्चा करने में मशगूल दिखे जो उधर से गुजरने वाले वाहनों को बड़े गौर से देखते थे।
सुरक्षा बलों के वाहन इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि पूरी घाटी में स्थिति सामान्य है। पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन उनके साथ सख्ती से निपट लिया गया। डाउनटाउन का इलाका भी आम तौर पर शांत ही रहा है।
मीरवाइज मंजिल के बाहर पहरा
राजोरी कदल में मीरवाइज का पुस्तैनी मकान है। यहां बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के बाहर किसी की मौजूदगी नहीं है। एहतियातन यहां सुरक्षाबलों के जवान कुछ दूरी पर तैनात हैं। लोगों का उस इलाके से आना-जाना सामान्य है, लेकिन कोई मीरवाइज मंजिल की ओर जाता नहीं दिखा।
विज्ञापन
यह पूरा इलाका पत्थरबाजी के लिए कुख्यात माना जाता रहा है। यहां पुरुष से लेकर महिलाएं भी सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में शामिल रहती थीं, लेकिन राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद से इस इलाके में न तो पथराव की कोई बड़ी घटना हुई और न ही हिंसा की। बकरीद पर भी यहां पत्थर नहीं चले।
विज्ञापन
डाउनटाउन के खयाम रोड पर लोगों का आना जाना सुचारू है। महिलाएं, बच्चे, बड़े-बुढ़े सभी बिना किसी खौफ के आ जा रहे हैं। जगह-जगह सुरक्षा बल के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं। नौपोरा, नौहट्टा, राजोरीकदल, जामिया मस्जिद, गोजवारा, बोरीकदल आदि इलाकों में सब कुछ सामान्य दिखा। इन इलाकों में दुकानें जरूर बंद हैं, लेकिन रेहड़ी पर फल और सब्जियां बिक रही हैं।
विज्ञापन
गलियों में युवा और बच्चे क्रिकेट खेलते हुए तो कुछ लोग कैरम भी खेलते दिखे। एहतियातन महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। खानयार चौक पर सुरक्षा बलों की ज्यादा मौजूदगी दिखी। यहां चौराहे पर कबूतरों ने कब्जा जमा रखा है। कुछ लोग इन्हें दाना देते हुए भी दिखे।
इलाके में कुछ दुकानें भी आधा शटर गिराकर खुले हुए दिखे, जहां लोग जरूरत के सामान खरीद रहे थे। लोग बंद पड़ी दुकानों के बाहर सीढ़ियों पर बैठे आपस में चर्चा करने में मशगूल दिखे जो उधर से गुजरने वाले वाहनों को बड़े गौर से देखते थे।
सुरक्षा बलों के वाहन इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि पूरी घाटी में स्थिति सामान्य है। पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन उनके साथ सख्ती से निपट लिया गया। डाउनटाउन का इलाका भी आम तौर पर शांत ही रहा है।
मीरवाइज मंजिल के बाहर पहरा
राजोरी कदल में मीरवाइज का पुस्तैनी मकान है। यहां बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के बाहर किसी की मौजूदगी नहीं है। एहतियातन यहां सुरक्षाबलों के जवान कुछ दूरी पर तैनात हैं। लोगों का उस इलाके से आना-जाना सामान्य है, लेकिन कोई मीरवाइज मंजिल की ओर जाता नहीं दिखा।