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35-ए पर रुख साफ करें केन्द्र तब कराए पंचायत चुनाव:पीडीपी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:22 PM IST
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नेशनल कांफ्रेंस के बाद अब पीडीपी ने फैसला किया है कि अनुच्छेद 35-ए पर जब तक स्थिति साफ नहीं होती है तब तक पार्टी निकाय व पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में भाग नहीं लेगी। पार्टी का मानना है कि अनुच्छेद 35-ए को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में फिलहाल चुनाव टाल दिया जाना चाहिए।
पार्टी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में वीरवार को पार्टी की कोर ग्रुप की तीन घंटे तक चली बैठक में अनुच्छेद 35-ए को लेकर घाटी में पैदा हुए हालात और आगामी चुनावों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रफी लोगों में शक पैदा हुआ है कि 35-ए के साथ सरकार छेड़छाड़ करना चाहती है। इसी वजह से वह चुनावों को करवाने की जल्दी में है। इसलिए जब तक लोगों में पैदा हुए इस शक को दूर न किया जाए तब तक चुनाव करवाना सही नहीं है। चुनाव करवाने से पहले एक ट्रेंड होता है। जब हम सरकार में थे तो सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, लेकिन आज कोई कंसल्टेटिव मैकनिज्म दिखाई नहीं दे रहा है। इसकी कोई जानकारी नहीं है कि चुनाव कैसे होने जा रहे हैं, सुरक्षा के क्या प्रबंध रहेंगे। जब तक इन सब चीजों को स्पष्ट नहीं किया जाता तब तक हमारी पार्टी ने भी चुनावों में भाग न लेने का फैसला लिया है।
पीडीपी ने फैसला लिया है कि वह बड़े पैमाने पर लोगों से रायशुमारी करेगी। जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। लोगों की भावनाओं और हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसलिए सभी से परामर्श और अन्य मुद्दों पर स्थिति साफ होने पर ही अंतिम फैसला किया जाएगा।
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रफी मीर ने कहा कि 35-ए का मुद्दा चुनावों के साथ मिक्स हो गया है। हम चाहते हैं वह जल्दी हल हो। चुनावों से संबंधित जो मुद्दे हैं उन्हें राज्यपाल संबोधित करें। पार्टी नहीं चाहती है कि यहां हालात बिगड़े और न ही खून खराबे के हक में हैं। पार्टी जम्हूरियत में विश्वास रखती है। उसने पहले भी चुनावों में भाग लिया है इसलिए यह न समझा जाए कि वह चुनाव से भाग रही है।
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पार्टी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में वीरवार को पार्टी की कोर ग्रुप की तीन घंटे तक चली बैठक में अनुच्छेद 35-ए को लेकर घाटी में पैदा हुए हालात और आगामी चुनावों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रफी लोगों में शक पैदा हुआ है कि 35-ए के साथ सरकार छेड़छाड़ करना चाहती है। इसी वजह से वह चुनावों को करवाने की जल्दी में है। इसलिए जब तक लोगों में पैदा हुए इस शक को दूर न किया जाए तब तक चुनाव करवाना सही नहीं है। चुनाव करवाने से पहले एक ट्रेंड होता है। जब हम सरकार में थे तो सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, लेकिन आज कोई कंसल्टेटिव मैकनिज्म दिखाई नहीं दे रहा है। इसकी कोई जानकारी नहीं है कि चुनाव कैसे होने जा रहे हैं, सुरक्षा के क्या प्रबंध रहेंगे। जब तक इन सब चीजों को स्पष्ट नहीं किया जाता तब तक हमारी पार्टी ने भी चुनावों में भाग न लेने का फैसला लिया है।
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पीडीपी ने फैसला लिया है कि वह बड़े पैमाने पर लोगों से रायशुमारी करेगी। जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। लोगों की भावनाओं और हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसलिए सभी से परामर्श और अन्य मुद्दों पर स्थिति साफ होने पर ही अंतिम फैसला किया जाएगा।
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रफी मीर ने कहा कि 35-ए का मुद्दा चुनावों के साथ मिक्स हो गया है। हम चाहते हैं वह जल्दी हल हो। चुनावों से संबंधित जो मुद्दे हैं उन्हें राज्यपाल संबोधित करें। पार्टी नहीं चाहती है कि यहां हालात बिगड़े और न ही खून खराबे के हक में हैं। पार्टी जम्हूरियत में विश्वास रखती है। उसने पहले भी चुनावों में भाग लिया है इसलिए यह न समझा जाए कि वह चुनाव से भाग रही है।
चुनाव के लायक माहौल नहीं: राथर
पीडीपी के वरिष्ठ नेता और अनंतनाग के कोकरनाग से विधायक अब्दुल रहीम राथर ने निकाय और पंचायती चुनावों को लेकर कहा कि माहौल अनुकूल नहीं है। 35-ए को लेकर जो माहौल बना है उसमें चुनाव करवाने का सही समय नहीं है। ऐसा करवाने से लोगों में अलगाव की भावना विकसित होगी। नेकां का अपना स्टैंड है और हमारा अपना। फिलहाल माहौल को अनुकूल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है चुनाव हो लेकिन हम मानते हैं कि आज के दौर में चुनाव कराना संभव नहीं है।
गवर्नर बुला सकते हैं सर्वदलीय बैठक
राज्यपाल सत्यपाल मलिक निकाय व पंचायत चुनाव को लेकर जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुला सकते हैं। कश्मीर आधारित पार्टियों में उपजे शक को दूर करने तथा चुनाव के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। पीडीपी पहले ही सर्वदलीय बैठक की मांग कर चुकी है। ज्ञात हो कि सरकार ने एक से पांच अक्तूबर के बीच निकाय चुनाव की घोषणा की है। चुनाव की अधिसूचना 10 सितंबर तक जारी करने की तैयारी थी। सूत्रों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से चुनाव की तिथि को अंतिम रूप दे दिया गया है। जल्द ही इसे राज्यपाल से मंजूरी लेकर घोषित किया जा सकता है। लेकिन इससे पहले राजभवन संबंधित दलों के नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं।