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जम्मू-कश्मीर: कर्रा के इस्तीफे से PDP पर भाजपा से गठबंधन तोड़ने का दबाव बढ़ा
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:36 PM IST
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महबूबा मुफ्ती और तारिक हमीद कर्रा
- फोटो : File Photo
श्रीनगर के सांसद तारिक हमीद कर्रा के पार्टी और लोकसभा सदस्यता छोड़ने की घोषणा से पीडीपी में बवंडर उठ खड़ा हुआ है।
अंदर ही अंदर पीडीपी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का दबाव बढ़ा है। इससे गठबंधन के विरोधी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का गुट और सक्रिय हो सकता है।
इसमें कुछ असंतुष्ट विधायक भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही कर्रा के कदम से घाटी के लोगों की संवेदनाओं के पार्टी के खिलाफ जाने की चुनौती भी बढ़ी है।
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अंदर ही अंदर पीडीपी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का दबाव बढ़ा है। इससे गठबंधन के विरोधी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का गुट और सक्रिय हो सकता है।
इसमें कुछ असंतुष्ट विधायक भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही कर्रा के कदम से घाटी के लोगों की संवेदनाओं के पार्टी के खिलाफ जाने की चुनौती भी बढ़ी है।
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विपक्षी दलों ने कर्रा के इस्तीफे पर शुरू की राजनीति
सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
सूत्रों का कहना है कि कर्रा की घोषणा के बाद महबूबा तथा उनके करीबी सहयोगियों ने अनौपचारिक बैठक कर मौजूदा स्थिति और इसके परिणामों पर चर्चा की।
इस दौरान यह बात सामने आई कि उनसे बात कर मनाने की कोशिश की जानी चाहिए। चूंकि कर्रा ने भाजपा और आरएसएस के एजेंडे का हवाला दिया है, ऐसे में कश्मीरियों के बीच पार्टी के खिलाफ माहौल तैयार हो सकता है। विपक्षी दल भी इसे भुनाने की कोशिश करेंगे।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में फैली हिंसा के बाद कर्रा ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर आने के दौरान यह चेतावनी दी थी कि वे करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मासूमों की मौत का सिलसिला नहीं रुका तो वे जरूरत पड़ने पर लोकसभा से इस्तीफा दे सकते हैं।
इस दौरान यह बात सामने आई कि उनसे बात कर मनाने की कोशिश की जानी चाहिए। चूंकि कर्रा ने भाजपा और आरएसएस के एजेंडे का हवाला दिया है, ऐसे में कश्मीरियों के बीच पार्टी के खिलाफ माहौल तैयार हो सकता है। विपक्षी दल भी इसे भुनाने की कोशिश करेंगे।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में फैली हिंसा के बाद कर्रा ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर आने के दौरान यह चेतावनी दी थी कि वे करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मासूमों की मौत का सिलसिला नहीं रुका तो वे जरूरत पड़ने पर लोकसभा से इस्तीफा दे सकते हैं।
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कर्रा शुरू से ही गठबंधन के विरोधी रहे
महबूबा मुफ्ती और तारिक हमीद कर्रा
- फोटो : File Photo
तारिक हमीद कर्रा शुरू से ही भाजपा के साथ हाथ मिलाने के विरोधी रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को इसके दुष्परिणामों के प्रति चेताया था। जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा बैठकों में जाना बंद कर दिया। मुफ्ती के निधन के बाद जब तीन महीने तक सरकार नहीं रही और बाद में फिर प्रयास शुरू हुए तब भी उन्होंने महबूबा मुफ्ती को गठबंधन तोड़ने के लिए कहा था। कहा था कि एक मौका मिला है जब वे इस गठजोड़ से बाहर निकलकर धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ सरकार बना सकती हैं।