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पटनीटॉप अतिक्रमण मामला: हाईकोर्ट ने सीबीआई से पूछा- क्या कार्रवाई की

Wed, 24 Mar 2021 07:39 PM IST
प्रशांत कुमार जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 24 Mar 2021 07:39 PM IST
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patnitop Illegal land possession case High court asks CBI what action is taken
पटनीटॉप - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

पटनीटॉप में अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई से दर्ज एफआईआर पर आधारित कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। क्रिस्टल होटल मालिक हरचरण सिंह ने याचिका दायर की थी कि पटनीटॉप में हरे भरे पेड़ काटकर वहां अवैध रूप से होटल और रेस्तरां बनाए गए हैं। 31 दिसंबर 2019 को हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी और दो महीनों के भीतर जांच करने को कहा था। अब हाईकोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा है कि अपनी जांच में बताएं कि क्या कार्रवाई की गई है। 

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कोर्ट ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग उन सभी होटल व्यवसायियों के खिलांफ पैनल कार्रवाई शुरू करेगा जो बिना पंजीकरण के होटल चला रहे हैं। इससे पहले पटनीटॉप विकास प्राधिकरण की ओर से कोर्ट में बताया गया कि उल्लंघन करने वालों पर पूरी कार्रवाई की गई है। कोर्ट में सीबीआई ने 2019 में एक रिपोर्ट भी पेश की थी, जिसमें बताया गया था कि 37 होटल बिना अनुमति के चल रहे हैं। जो मास्टर प्लान का उल्लंघन है। 21 होटल पर्यटन विभाग से पंजीकरण कराए बिना चल रहे थे।
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उधर, जम्मू नगर निगम के फ्लैट्स आवंटन मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम से पूछा है कि पूर्व निगम अफसरों और कर्मियों को दिए गए फ्लैट्स के क्या नियम हैं। हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें यह बताया गया था कि निगम ने अपने अफसरों और कर्मियों को अवैध रूप से फ्लैट और दुकानें दी हैं। अफसरों को नियमों को ताक पर रखकर 13 फ्लैट्स दिए गए। नगर निगम को इस तरह के किसी भी आवंटन का अधिकार नहीं था क्योंकि संभवत: उनके आवासीय उद्देश्यों के लिए शक्ति नगर, जम्मू में अलग-अलग घर बनाए गए थे जो नेताओं को आवंटित किए गए हैं।

संयुक्त आयुक्त को निजी तौर पर पेश होने का आदेश
विशेष न्यायाधिकरण ने नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को निजी तौर पर पेश होने कहा है। आरोप है कि कोर्ट ने एक आदेश दिया था कि पांच दिन के दौरान अवैध निर्माण तोड़े जाएं। इस आदेश पर संयुक्त आयुक्त ने ओवरराइटिंग की। कोर्ट ने 29 मार्च को पेश होने के लिए कहा है।

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