पटनीटॉप अवैध होटल मामला: जांच में शामिल हुए कारोबारी, मास्टर प्लान का उल्लंघन करने का है आरोप
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पटनीटॉप में अवैध होटलों की जांच चौथे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को सीबीआई टीम पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) के कुद ऑफिस में कागजों की जांच में जुटी रही। पटनीटॉप के होटल कारोबारी अपने दस्तावेज लेकर पीडीए ऑफिस पहुंचे और बारी-बारी से जांच में शामिल हुए।
पटनीटॉप होटलों के कारोबारियों को बुधवार को सीबीआई की तरफ से नोटिस दिए गए थे। इसमें होटलों के दस्तावेज जिसमें परमिशन, टूरिज्म की रजिस्ट्रेशन, पानी-बिजली के कनेक्शनों के अलावा अन्य दस्तावेज लाने को कहा गया था।
गौरतलब है कि सीबीआई की टीम पटनीटॉप क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों के दौरान मास्टर प्लान का उल्लंघन कर बनाए गए होटलों की जांच कर रही है। जांच में 30 अधिकारियों की विशेष टीम जुटी है। टीम ने पीएचई, बिजली और राजस्व विभाग से भी रिकॉर्ड तलब किए हैं।
सीबीआई ने पीएचई और बिजली विभाग से पूछा है कि पटनीटॉप में कितने कनेक्शन कॉमर्शियल हैं और कितने घरेलू। राजस्व विभाग से भी पटनीटॉप में बने होटलों की दस्तावेजों की कॉपी मांगी है। एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के 31 दिसंबर, 2019 के आदेश पर जांच शुरू की गई है।
हाईकोर्ट ने यह आदेश पटनीटॉप के होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पटनीटॉप क्षेत्र के मास्टर प्लान का उल्लंघन किया गया है। इस कारण 70 प्रतिशत होटल और रेस्तराओं का निर्माण बिना अनुमति के हुआ है।