गलत इंजेक्शन लगाने से गई मरीज की जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएमसी की इमरजेंसी में शनिवार शाम को एक बुजुर्ग मरीज की मौत पर परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि मरीज को चिकित्सा देने में लेटलतीफी की गई। ग्लूकोज में गलत इंजेक्शन लगा देने पर उनकी रिएक्शन से मौत हो गई। डाक्टरों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मरीज की फाइल ही गायब कर दी।
हंगामे को देखते हुए भारी पुलिस बल भी बुला लिया गया था। परिवार वालों ने मामले की लिखित शिकायत अस्पताल प्रशासन से की है। भोपर (ज्यौड़ियां) निवासी बुद्धि सिंह (86) को पीलिया की शिकायत होने पर शनिवार दोपहर को जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
मरीज के साथ आए संदीप सिंह ने बताया कि उनके मरीज की हालत गंभीर थी, लेकिन बार-बार डाक्टरों से आग्रह करने पर भी उन्हें इलाज देने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। डाक्टर ब्लड सहित अन्य जांच करवाने की बात कहते रहे, जिसके बाद मरीज को ग्लूकोज चढ़ाया गया।
इस बीच ग्लूकोज में डाक्टर के कहने पर एक इंजेक्शन लगाते ही मरीज को जबरदस्त रिएक्शन हो गया, लेकिन मरीज को देखने वाला डाक्टर ही इमरजेंसी से गायब था।
मौत के बाद बनाई गई कमेटी
इसके बाद किसी तरह दूसरे डाक्टर को लाकर मरीज को दिखाया गया और उसे एक अन्य बाजार से इंजेक्शन लाने को कहा गया, मगर इस सारे घटनाक्रम में समय निकल जाने से मरीज की हालत और खराब हो गई और चार नंबर रूम में मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिवार वालों ने हंगामा किया।
उन्होंने डाक्टरों पर इलाज में कोताही बरतने के आरोप लगाए। मृतक के पौत्र संदीप के अनुसार डाक्टरों ने लापरवाही छिपाने के लिए मरीज की फाइल ही गायब कर दी थी, जिसमें अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी फाइल उपलब्ध नहीं करवाई गई। करीब एक घंटे हंगामे के बाद परिवार वाले शव को लेकर चले गए।
प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मरीज की मौत के कारणों पर जांच कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को सभी उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।