अमीरी और गरीबी की खाई पाटेगी जन-धन योजना
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केंद्रीय जल संसाधन और नदी विकास मंत्री उमा भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना से न सिर्फ गरीबों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी, बल्कि गरीबों और अमीरों के बीच की खाई भी पटेगी। गरीबी देश की सबसे बड़ी कमजोरी है, उसे दूर करना ही सरकार का लक्ष्य है।
गांधीनगर स्थित महिला कालेज सभागार में योजना की विधिवत लांचिंग के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कल तक गरीबों के लिए बैंक खाता एक सपना था, लेकिन अब बैंक वाले गरीबों के द्वार तक जाकर बैंक खाते खोलेंगे। अब तक लोग अधिकारियों के पास जाते थे।
सरकारी कार्यालयों में भीड़ जमा होती थी। लेकिन अब प्रशासन लोगों के पास पहुंचेगा। लोगों के घरों तक सरकार पहुंचेगी। उमा भारती ने कहा कि अब तक महिलाएं पैसे के लिए पुरुषों पर निर्भर होती रही हैं। उन्हें पुरुषों के आगे हाथ फैलाना पड़ता है, लेकिन इस योजना के लागू होने के बाद महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा।
जेएंडके बैंक की ओर से किया गया आयोजन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का एक ही उद्देश्य है कि अमीरों की तरह गरीबों का भी बैंक खाता हो ताकि वह भी खरीदारी कर कार्ड के जरिए भुगतान करे। रियासत के योजना एवं विकास मंत्री अजय सडोत्रा ने कहा कि इस योजना से समाज के गरीब और कमजोर तबके को भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हो पाएंगी।
वर्ष 2011 की गणना के अनुसार रियासत के 20 लाख परिवारों में से साढ़े सात लाख परिवार अभी भी बैंकिंग सेवाओं से वंचित हैं। जेएंडके बैंक के कार्यकारी अध्यक्ष परवेज अहमद ने कहा कि रियासत में सक्रिय 32 बैंक इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएंगे। आयोजन की खास बात यह रही कि नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना को लांच कर रहे थे, उसी समय जम्मू में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी योजना का उद्घाटन किया।
इस दौरान नई दिल्ली समारोह का सीधा प्रसारण भी बड़ी स्क्रीन के जरिए यहां उपस्थित लोगों को दिखाया गया। समारोह में रिजर्व बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक केके सराफ और जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर शांत मनु भी उपस्थित थे। समारोह का आयोजन एसएलबीसी के संयोजक जेएंडके बैंक की ओर से किया गया।