जम्मू कश्मीर में पंचायत राज संशोधन बिल और अध्यादेश को मिली मंजूरी
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जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल एनएन वोहरा ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज संशोधन बिल 2016 को मंजूरी दे दी है। इससे अब रियासत में केवल पंचों का ही चुनाव होगा। पंच ही सरपंच चुनेंगे। पहले सरपंचों को सीधे जनता चुनती थी।
जम्मू-कश्मीर पंचायती राज संशोधन आर्डिनेंस 2016 को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पंचायत चुनाव कराने का अधिकार मिल गया है। माना जा रहा है कि अब मार्च में रियासत में पंचायत चुनाव हो जाएंगे।
राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार जल्द पंचायत चुनाव के लिए यह अनिवार्य था। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को मजबूत करने तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों का चुनाव जरूरी है। ताकि सभी विकास कार्यों पर पंचायत प्रतिनिधियों की नजर रहे और विकास कार्यक्रमों को सही तरीके से क्रियान्वित किया जा सके।
चुनाव न होने से नहीं मिले थे 3096 करोड़ रूपये
पंचायत चुनाव न होने की वजह से रियासत को केंद्रीय मदद से वंचित होना पड़ा है। 14वें वित्त आयोग के लगभग 3096 करोड़ रुपये रियासत को आवंटित नहीं हो सके। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि राज्यपाल ने हाल ही में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ हुई बैठक में जल्द स्थानीय तथा पंचायत चुनाव कराने को कहा था।
सूत्रों ने बताया कि सरकार मार्च में पंचायत चुनाव कराने की इच्छुक है। वह चाहती है कि श्रीनगर तथा अनंतनाग लोकसभा चुनाव से पहले यह चुनाव संपन्न हो जाएं ताकि इस चुनाव में जनता के मिले समर्थन को उपचुनाव में भुनाया जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु ने बताया कि चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं। फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम चल रहा है। 15 जनवरी तक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी।