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क्या JK में थ्री टायर सिस्टम के तहत होंगे चुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 18 Oct 2015 03:54 PM IST
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मुख्यमंत्री ने राज्य में पंचायती चुनाव को वक्त पर कराने की घोषणा कर दी है, जिसका सरपंचों और पंचों ने स्वागत किया है। साथ ही सरकार के सामने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि अगर चुनाव कराने हैं तो पंचायतों को थ्री टायर सिस्टम के तहत कराएं।
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अन्यथा मात्र दिखावे के लिए चुनाव न हों। ऐसे में भाजपा-पीडीपी सरकार के लिए चुनाव कराने से बड़ी चुनौती पंचायतों को सशक्त बनाना होगा। सरपंचों और पंचों की सुरक्षा को पुख्ता करना भी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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पिछले दस साल बाद राज्य पंचायती एक्ट 1989 के तहत 14 मार्च 2011 को चुनाव हुए थे। इसमें 4130 पंचायतों के लिए चुनाव हुए। चुनाव में 33485 सरपंच और पंच चुने गए। कश्मीर संभाग में 17912 और जम्मू में 15628 शामिल हैं।
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उमर अब्दुल्ला सरकार ने पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए पंचायती एक्ट में 73 और 74वें संशोधन को विधानसभा में पारित करवाया। इसके तहत पंचायतों को सशक्त बनाया जाना था।
सरपंचों को अपने हलकों में 14 सरकारी विभागों पर नजर रखने और फंड रिलीज कराने का अधिकार दिया गया, लेकिन इनको लागू नहीं किया गया। सरपंचों और पंचों को कोई फंड्स रिलीज नहीं किया गया। यही कारण है कि सरकार के खिलाफ सरपंचों और पंचों में रोष है। अब जून 2016 में पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।