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J&K: हिंसा की वजह से निकाय और पंचायती चुनाव की तैयारियों पर फिरा पानी

Sun, 11 Sep 2016 06:44 PM IST
संजीव दुबे, अमर उजाला/जम्मू
संजीव दुबे, अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 11 Sep 2016 06:44 PM IST
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panchayat election preparation stoped
पंचायत चुनाव - फोटो : Demo Pic.
रियासत में शहरी स्थानीय निकाय (नगर निगम, नगर पालिका) और पंचायती चुनाव जल्द होने की संभावनाएं लगभग गौण हो गई हैं।
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कश्मीर में पिछले दो महीने से बिगड़े हालात ने चुनाव की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। सरकार और चुनाव विभाग ने भी कश्मीर के हालात को देखते हुए चुनाव की तैयारियों को बीच में रोक दिया है। 

जम्मू कश्मीर में पिछले छह साल से शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव लंबित पड़े हुए हैं, जबकि पंचायतों का कार्यकाल जुलाई 2016 में संपन्न हुआ है। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने पंचायती और स्थानीय निकाय चुनाव इसी साल करवाने की तैयारी की हुई थी।
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इसके लिए चुनाव विभाग ने मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने और वार्डों को रोटेशन के आधार पर आरक्षित करने की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया था। 

केंद्रीय फंड से भी हाथ धोना पड़ेगा 

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श्रीनगर में पथराव करते उपद्रवी - फोटो : PTI
नौ जुलाई 2016 को कश्मीर में बिगड़े हालात के लंबे खिंच जाने से चुनाव की सारी तैयारियां धरी रह गईं। अब न तो सरकार और न ही प्रशासन चुनाव करवाने के मूड में है।

प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो जम्मू संभाग में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं, लेकिन कश्मीर के हालात ने चुनाव की तैयारियों पर पानी फेर कर रख दिया है। कश्मीर में जमीनी हालात ऐसे नहीं हैं कि चुनाव करवाएं जा सकें। 

रियासत के मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु का कहना है कि यह सही है कि कश्मीर के हालात की वजह से चुनाव की तैयारियों को धक्का लगा है। चुनाव विभाग ने अपनी तरफ से तैयारी कर रखी थी। चुनाव कब करवाने हैं, इसका फैसला अब रियासत सरकार ही करेगी। 
  
वहीं पंचायती और स्थानीय निकाय के चुनाव न होने की वजह से सालाना इन संस्थानों को मिलने वाली करोड़ों की केंद्रीय मदद से भी हाथ धोना पड़ेगा। पंचायतों को जुलाई महीने से हर साल करोड़ों रुपये की केंद्र मदद मिल रही थी, जो कि अब नहीं मिलेगी। 
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