जन्नत में जहर घोलने का ना'पाक' प्लान, घाटी में रास्ते बंद तो जम्मू से घुसपैठ की साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारी बर्फबारी से घाटी में घुसपैठ के रास्ते बंद होने के बाद पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और आतंकी संगठनों के आकाओं ने जम्मू संभाग से घुसपैठ की साजिश रची है। इसी साजिश के तहत एलओसी से लगे पुंछ व राजोरी के रास्ते घुसपैठ कराने की कोशिशें की जा रही हैं। सीमा पार लांचिंग पैड को और सक्रिय कर दिया गया है। आतंकियों को धकेलने के लिए आए दिन कवर फायर देकर अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की असल मंशा यही है।
उत्तरी कश्मीर में बारामुला, बांदीपोरा तथा कुपवाड़ा से जुड़े एलओसी पर कई फुट बर्फ जमा हो गई है। रास्ते बंद होने के कारण यहां से घुसपैठ होना काफी मुश्किल है। बर्फबारी ठीक से हुई तो दिसंबर मध्य तक जम्मू संभाग में घुसपैठ के रास्ते भी बंद हो जाएंगे। इस कारण पुंछ जिले के बालाकोट से शाहपुर तक लगभग 100 किलोमीटर के दायरे को घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किए जाने की साजिश की गई है।
बालाकोट, कीरनी, कस्बा, मालटी, दिगवार, बलनोई, मनकोट, शाहपुर आदि रिहायशी इलाकों में सीमा पार 30 से अधिक लांचिंग पैड के और सक्रिय किए जाने की सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं। प्रत्येक लांचिंग पैड पर 5-10 प्रशिक्षित आतंकी रखे गए हैं। पाकिस्तानी सेना लगातार इनके संपर्क में हैं।
सेना प्रमुख दे चुके हैं सतर्कता बरतने की हिदायत
इनपुट है कि बर्फबारी के चलते पीरपंजाल के रास्ते भी अगले कुछ दिनों में बंद हो जाने से पहले आईएसआई और पाकिस्तानी सेना अधिक से अधिक आतंकियों को दाखिल कराने की कोशिश करेगी। एलओसी पर अगस्त से अब तक लगभग एक हजार बार सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हुई हैं। सबसे ज्यादा घटनाएं पुंछ में हुई हैं।
पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन की आड़ में घुसपैठ की कोशिशों को देखते हुए एलओसी पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। हर संदिग्ध हलचल पर सेना की ओर से नजर है। दो दिन पहले उत्तरी कमान के दौरे पर आए सेना प्रमुख ने भी बर्फबारी तथा लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन की चुनौतियों के प्रति जवानों को आगाह किया था।