पाकिस्तानी आतंकी नावेद को कोठरी में न रखने की हिदायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआईए की विशेष अदालत ने पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद सहित तीन आतंकियों का न्यायिक रिमांड 13 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। नावेद के अलावा गिरफ्तार लश्कर के ड्राइवर खुर्शीद भट उर्फ सूर्या और शौकत अहमद भट की रिमांड अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो रही थी। वर्तमान में तीनों जम्मू के कोट भलवाल जेल में बंद हैं।
पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद और अन्य आतंकियों को अब बैरक में रखा जाएगा। इस संबंध में एनआईए के विशेष जज वाईपी कोतवाल ने कोट भलवाल जेल के सुपरिंटेंडेंट को आदेश जारी किया।
अदालत में बुधवार को पेशी के दौरान जज ने लश्कर आतंकी खुर्शीद अहमद भट से जेल में किसी तरह की समस्या के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उन्हें बंद सेल (कोठरी) में रखा जाता है। बाहर निकलने नहीं दिया जाता।
इस पर जज ने उन्हें कहा कि यह उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है। हालांकि, बाद में जज ने अपने लिखित आदेश में जेल सुपरिंटेंडेंट को कहा कि सामान्य केस में आतंकी को सेल में बंद नहीं रखा जा सकता। वह भी जब आरोपी न्यायिक रिमांड पर चल रहा हो।
दो गवाहों के बयान दर्ज
एनआईए एसपी अतुल गोयल इन दिनों कश्मीर घाटी में छापामारी कर रही टीमों का संचालन कर रहे हैं। इसी कारण वह बुधवार को तीनों आतंकियों की पेशी और गवाहों के बयान दर्ज होने के समय नहीं पहुंच पाए।
उधमपुर हमले की जांच में लगी एनआईए टीम में आईटीबीपी, बीएसएफ और सीआईएसएफ के अधिकारियों को शामिल किया गया है। वर्तमान में टीमों का संचालन जम्मू और श्रीनगर से हो रहा है।
उधमपुर हमले में एनआईए द्वारा तीन सरकारी गवाहों को जम्मू की अदालत में पेश किया गया। इनमें से दो के बयान दर्ज किए गए। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है।
कश्मीर घाटी में प्रवेश करने के बाद दक्षिण कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी रुके थे और गवाहों के संपर्क में आए थे। तीनों को सुरक्षा के बीच कश्मीर घाटी से जम्मू लाया गया।