फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Pakistani militants said I enjoyed blood shedding

'खून बहाने में मजा आता है, मैं हिंदुओं को मारने आया था'

Thu, 06 Aug 2015 09:03 AM IST
Updated Thu, 06 Aug 2015 09:03 AM IST
विज्ञापन
Pakistani militants said I enjoyed blood shedding

जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ कासिम उर्फ नावेद के चेहरे पर पकड़े जाने के बाद कोई शिकन नहीं थी। ऐसा लग रहा था मानों वह अपने किसी भी अंजाम से वाकिफ और उसके लिए तैयार था।

विज्ञापन


इससे पहले भागने की कोशिश करते समय तो वह दहशत में था, लेकिन पकड़े जाने के बाद वह सामान्य नजर आ रहा था। आतंकी बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पहले उसने खुद का नाम कासिम बताया। फिर उस्मान बताया। जम्मू पहुंचने पर कहा कि मैं मोहम्मद नावेद हूं। पिता का नाम मोहम्मद याकूब बता रहा है।
विज्ञापन


पकड़े जाने के तुरंत बाद मीडिया और वहां मौजूद लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए नावेद  ने जो कुछ भी कहा वह दिल दहलाने वाला है। नावेद ने कहा हम यहां हिंदुओं को मारने आए थे। कहा कि अमरनाथ यात्रा में कोहराम मचाना हमारा मुख्य मकसद था। उसने साफ कहा कि मुझे खून बहाने में और ऐसे हमले करने में मजा आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मैं भी मर जाता तो यह खुदा की मर्जी होती

Pakistani militants said I enjoyed blood shedding

उसने परस्पर विरोधाभासी बातें भी कहीं। मसलन पहले उसने बताया कि वह दो दिन पहले भारत आया। बाद में बताया कि उसने 12 दिन पहले घुसपैठ की थी। उसने पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वो और उसका साथी मोमिन खान 12 दिन पहले जंगल के रास्ते भारत में घुस आए थे।

मीडिया के सामने जिंदा पकड़े गए आतंकी उस्मान उर्फ नावेद ने बताया कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद से है। उसके दो भाई और एक बहन है। उसने बताया कि उसका साथी मोमिन भावलपुर (पाकिस्तान) का रहने वाला था। नावेद ने बताया कि उसका एक भाई लेक्चरर है और दूसरा भाई हॉजरी का व्यापारी है।

जम्मू में ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) में उसने बताया कि एक महीने पहले भी उसने और उसके चार साथियों ने कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ करने की कोशिश की थी, पर उन्हें लेने जिस गाइड को आना था, वह नहीं आया। इसके चलते उन्हें लौटना पड़ा था। नावेद ने कहा कि हमले में उसका साथी मारा गया और मैं बच गया। अगर मैं भी मर जाता तो यह खुदा की मर्जी होती।

कोहराम मचाना मेरा मुख्य मकसद था

Pakistani militants said I enjoyed blood shedding

उसने कहा कि ऐसे हमले करने में मजा आता है। पहले नावेद ने बताया कि वह करीब 20 साल का है, पर बाद में उसने कहा कि वह महज 16 साल का है। गहरे नीले रंग की कमीज और भूरे रंग की पैंट पहने पाकिस्तानी आतंकी नावेद के चेहरे पर जो भाव थे उससे भी कतई नहीं लग रहा था कि उसे अपने किए का कुछ अफसोस है।

उसका कहना था कि इस तरह के हमले करने के लिए उन्हें पैसे नहीं मिलते। उसने यह भी कहा कि उनके परिवार का पाकिस्तान में पूरा ख्याल रखा जाता है। मीडिया के सामने वह कभी मुस्करा देता कभी गंभीर हो जाता। उसका साफ कहना था कि उसने और उसके साथी ने जो किया उसमें काफी मजा आता है। इसके साथ ही पकड़े जाने के बाद उस्मान ने यह भी कहा कि उसे भूख लगी है और उसने खाना भी मांगा।

उल्लेखनीय है कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा की सोची-समझी साजिश के तहत आतंकियों को हिदायत दी जाती है कि अगर वो जिंदा पकड़े जाते हैं तो वो अपनी उम्र 18 साल से कम बताएंगे ताकि उनके खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed