बीते कुछ समय से जम्मू में आए दिन सुरंगें मिल रही हैं, साथ ही सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन भी देखे जा रहे हैं। खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल ने इन घटनाओं को लेकर अपने एक विश्लेषण में बताया है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि कश्मीर के साथ ही जम्मू क्षेत्र में भी आतंकी गतिविधियों को सक्रिय रखा जा सके।
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जम्मू में मिल रही सुरंगों और उड़ रहे ड्रोन के पीछे के राज का हुआ खुलासा, कुछ ऐसे हैं पाक के इरादे
Tue, 24 Nov 2020 11:56 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 24 Nov 2020 11:56 AM IST
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सीमा पर मिली सुरंग
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इसी सुरंग से आए थे नगरोटा में मारे गए आतंकी
- फोटो : ani
जम्मू के सांबा सेक्टर में बीते तीन महीनों में दो लंबी और जटिल सुरंगें मिली हैं। इसमें से पहली सुरंग का पता 29 अगस्त को लगाया गया था और दूसरी 200 मीटर लंबी और तीन फीट चौड़ी सुरंग का पता गत रविवार को चला। दूसरी सुरंग जिसकी जानकारी रविवार को मिली, उसका इस्तेमाल नरगोटा में मारे गए आतंकियों ने सीमा पार करने के लिए किया था।
इसी सुरंग से आए थे नगरोटा में मारे गए आतंकी
- फोटो : amar ujala
इन सब के बाद बीएसएफ ने जम्मू से गुजरात तक भारत से सटे 3300 किलोमीटर लंबे पाकिस्तान बॉर्डर के आसपास के इलाकों में सुरंगों के लिए तलाशी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ को समय रहते नाकाम किया जा सके। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों को भी आगाह कर दिया गया है। उन्हें किसी भी तरह की सुरंग मिलने पर या कोई संदिग्ध गतिविधी नजर आने पर सावधान रहने को कहा गया है।
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इन्हीं बोरियों से सुरंग को ढका गया था
- फोटो : ani
एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर सुरंगें ऐसे मैदानी इलाकों से बनाई जाती हैं, जो पाकिस्तान की ओर उगे लंबे घासों की वजह से सेना की नजरों से छिपी होती हैं। सुरंगों को बनाने का काम रात के समय में किया जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार पाकिस्तान को इन लंबी घासों को छंटवाना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत वो ड्रग्स और आतंकियों को सीमापार भेजने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
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सुरंग में मिली बोरी
- फोटो : ani
उन्होंने बताया कि बीएसएफ की सतर्कता के कारण पाकिस्तान को तारों के नीचे ये या खुली जगहों से घुसपैठियों को भेजने या गोला बारूद सप्लाई करने में मुश्किल हो रही है, इसलिए अब वे ड्रोन और सुरंग जैसे दूसरे हथकंडे अपना रहे हैं।