सीमा पर गोलीबारी के पीछे पाकिस्तान की बड़ी चाल
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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान द्वारा एकबार फिर की गई गोलाबारी एफ्रो एशियाई शिखर सम्मेलन से पहले नई चाल है। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पाक का मुख्य उद्देश्य सम्मेलन से पहले विश्व समुदाय के समक्ष कश्मीर मुद्दा उठाना है।
वेस्टर्न कमांड के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह का कहना है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो या फिर कश्मीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हो, पाकिस्तान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन आफ कंट्रोल पर गोलाबारी करता रहा है।
सोमवार से शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है तो अगले माह आरंभ में प्रधानमंत्री का जम्मू-कश्मीर दौरा है। पिछले दिनों बीएसएफ और पाक रेंजर के डायरेक्टर जनरलों की बैठक में सीजफायर का उल्लंघन न करने का वादा करने के बाद पाक ने एकबार फिर गोलाबारी की।
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि आप कभी भी पाक पर भरोसा नहीं कर सकते। इससे पहले भी वह वादे तोड़ता आया है। उन्होंने कहा कि नवंबर में एलओसी पर बर्फ गिर जाएगी।
घुसपैठ कराना चाहता है आतंकियों को
पाकिस्तान उससे पहले आतंकियों की घुसपैठ करवाना चाहता है। इस साल वह अब तक घुसपैठ करवाने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का एक ही मकसद है, किसी तरह जम्मू-कश्मीर को अशांत रखा जाए। इसी क्रम में वह इस तरह की हरकतें कर रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए सेना की ओर से डिपार्टमेंट आफ वेटरन अफेयर्स की स्थापना की जा रही है, जो 15 जनवरी 2016 से कार्य करना शुरू कर देगा।
यह विभाग मिलेट्री आपरेशन डायरेक्टोरेट, मिलेट्री इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट और मिलेट्री सेक्रेटरी ब्रांच की तरह एक निदेशालय की तरह काम करेगा। उन्होंने पूर्व सैनिकों को आश्वासन दिया कि उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए वेस्टर्न और नार्दर्न कमांड मिलकर काम करेंगे। सैनिक बोर्ड के साथ मिलकर एक तंत्र की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जा सके।
अब सैनिक नागरिकों से लिफ्ट नहीं लेंगे : केजे सिंह
भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर में वारदातों को अंजाम देने वाले आतंकियों की पहचान के लिए सेना नए कदम उठा रही है।
वेस्टर्न कमांड के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने कहा है कि पाकिस्तानी आतंकी अकसर सेना की वर्दी में घुसपैठ करते हैं। इससे आम नागरिकों को उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।
हालांकि उन्होंने कदमों का खुलासा न करते हुए इतना कहा कि अब सेना के गश्ती दल के सदस्य अलग-अलग अभियान न चलाकर ग्रुप में चलेंगे।
इसके अलावा अकसर ऐसा देखा गया है कि सैनिक के भेष में आने वाले आतंकी नागरिकों से लिफ्ट लेकर उनके वाहन लूट लेते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं।
सैनिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह नागरिकों से वाहन में लिफ्ट नहीं लेंगे। लोग भी सैन्य वर्दी वालों को लिफ्ट न दें। वह आतंकी हो सकते हैं।