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आपकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल ये लड़कियां बन सकती हैं खतरा, पाकिस्तान के नए पैंतरे से रहें सावधान

Mon, 26 Nov 2018 01:01 PM IST
प्रांजल दीक्षित, जम्मू
प्रांजल दीक्षित, जम्मू Updated Mon, 26 Nov 2018 01:01 PM IST
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pakistan is training girls and womens for militancy missions in pok against india
पाकिस्तान लगातार भारत में अशांति फैलाने के लिए नए-नए प्रयोग करने में जुटा हुआ है। वहीं सुरक्षाबल पाक की सभी नापाक कोशिशों को विफल करने में मोर्चे पर डटा  हुआ हैं। ऐसे में अब पाक ने युवा लड़कों के साथ-साथ खूबसूरत और पढ़ी लिखी लड़कियों का भी सहारा लेना शरू कर दिया है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में दो महिला आतंकी हथियारों के साथ गिरफ्तार हो चुकीं हैं। उनसे पूछताछ में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि पाक महिलाओं को घाटी और भारत में बड़े मिशन के लिए तैयार कर रहा है। उन्हें हथियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया और उनकी खूबसूरती का किस तरह से प्रयोग करना है इस पर प्रशिक्षण दे रहा है। 
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सुरक्षा एजेंसीज के गुप्त सूत्रों की माने तो यह सभी महिला हथियार चलाने सहित हनी ट्रैप करने में परिपूर्ण हैं। साथ ही इनका प्रमुख हथियार सोशल मीडिया बन रहा है। इसके जरिए यह नवजवानों और सुरक्षा एजेंसीज के लोगों को निशाना बना रही हैं। इसके लिए पाकिस्तान ने बाकायदा पीओके में सोशल मीडिया की ट्रेनिंग का एक इंस्टिट्यूट भी शुरू किया है। जहां वह लड़कियों और महिलाओं को जिहाद के नाम पर आतंकवाद की शिक्षा दे रहा है साथ ही उन्हें सोशल मीडिया के गुण भी सिखा रहा है। पाक इन महिलाओं को कूरियर की तरह प्रयोग करने की फिराक में है। 
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पीओके में यहां चल रही महिला आतंकियों की ट्रेनिंग 
सुरक्षा सूत्रों की माने तो महिला आतंकियों की ट्रेनिंग पीओके में तीन कैंप में चल रही है। इसमें आईएसआई के कुछ लोग में ट्रेनिंग दे रहे हैं। पीओके में सेंसा, बिम्बर और कोटली में यह ट्रेनिंग कैंप चलाए जा रहे हैं। इसमें बिम्बर में आईएसआई इन महिलाओं को सोशल मीडिया और आईटी की ट्रेनिंग दे रहा है। वहीं सेंसा और कोटली में उन्हें पाकिस्तानी सेना हथियार चलाने का प्रशिक्षण दे रही है। 
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फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम चलाने की दी जा रही ट्रेनिंग
पीओके के ट्रेनिंग कैंप में पाक के सोशल मीडिया एक्सपर्ट महिलाओं को सोशल मीडिया चलाना सिखा रहे हैं। इसमें उन्हें कम्युनिकेशन स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें एक विशेष समुदाय के युवाओं को फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फ्रेंड बनाने और उन्हें जिहाद के नाम पर आतंक के रास्ते पर लाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके साथ ही इसी माध्यम से सेना, पुलिस और कई बड़े खुफिया विभागों के अफसरों को हनी ट्रैप कर उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां हांसिल करने के तरीके भी सिखाएं जा रहे हैं। 

यूपी, बिहार और कश्मीर के युवा हैं इन महिला आतंकियों के निशाने पर 
सूत्रों ने बताया कि इन महिला आतंकियों के निशाने पर यूपी, बिहार और जम्मू-कश्मीर के इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे विशेष समुदाय के युवा हैं। उन युवाओं से यह महिला आतंकी सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर रही हैं। जिसके बाद वह उन्हें जिहाद के नाम पर भड़का रही हैं और उन्हें आतंक के रास्ते पर आने को मजबूर कर रही हैं। 

इंजीनियरिंग के छात्र इस लिए आतंकी संगठनों के निशाने पर 

आतंकी संगठन बीटेक, एमटेक सहित अन्य इंजीनियरिंग के छात्रों को इस लिए अपने साथ जोड़ने में इच्छुक हैं क्योंकि वह कंप्यूटर की जानकारी के साथ बम बनाने की तकनीक सीखने में तेज होते हैं। साइंस के साथ इस छात्रों की कंप्यूटर साइंस का ज्ञान आतंकियों को उनके मिशन में दहशत फैलाने में काफी मदद देता है। 

महिला आतंकी दोस्त बनाने के लिए देती हैं महंगे गिफ्ट्स 
महिला आतंकी किसी भी युवा का दिल जीतने के लिए ऑनलाइन मार्किट का सहारा ले रही हैं। वह इन ऑनलाइन मार्किट से महंगे-महंगे मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े और अनेकों गिफ्ट आइटम के जरिए युवाओं के दिल में जगह बना रही हैं। इसके बाद उन्हें पैसों का लालच देकर आतंकी संगठनों में जोड़ रही हैं। 

पीओके में अभी चल रही 90 महिलाओं की ट्रेनिंग 

खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पीओके में करीब 90 महिलाओं को आतंकी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह महिलाएं खूबसूरत और पढ़ी लिखी भी हैं। आतंकी इन महिलाओं की मदद से वारदातों को अंजाम देने की फिराक में हैं।

पुलिस भी रखा रही ऐसी महिलाओं पर नजर 
इसके बारे में बातचीत में डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकी वारदातों के लिए महिलाओं को कुरियर की तरह इस्तेमाल करते हैं। जब भी हमला करना होता है, तो वे इनका सहारा लेते हैं। पुलिस अपनी सूचना पर इनको पकड़ लेती है। पहले भी महिलाओं का इस तरह की घटनाओं में इस्तेमाल हुआ है।

 
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