पाक की नापाक हरकत, रात को बार्डर पर जमकर बरसाए गोले
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पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा सांबा सेक्टर में सरहद पर तारबंदी की मरम्मत कर रहे मजदूरों को निशाना बनाकर की गई गोलाबारी के बाद शुक्रवार को पूरी रात सांबा और कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में गोलाबारी की गई।
आधा दर्जन के करीब रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर मोर्टार दागे गए। इसमें दो नागरिक घायल हो गए। पांच मवेशियों की मौत हो गई जबकि पांच घायल हैं।
इस बीच तारबंदी की मरम्मत के दौरान गोलाबारी में घायल ठेकेदार पंजाब के रोपड़ निवासी बलदेव सिंह की जीएमसी में हालत गंभीर बनी हुई है।
बीएसएफ ने भी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। लगभग एक महीने की शांति के बाद शुरू हुई गोलाबारी से सीमांत ग्रामीणों में दहशत है। ज्ञात हो कि इस गोलाबारी में शुक्रवार की शाम एक मजदूर की मौत हो गई थी।
सांबा में पाकिस्तानी रेंजरो ने रिहायशी इलाकों में भारी गोलाबारी की। मावा निवासी कालू दास के घर के पास एक गोला फटने से तीन गायों की मौत हो गई।
मावा के ही प्रीतम सिंह के घर के बाहर खड़ी उनकी मिनी बस भी क्षतिग्रस्त हुई है। उनके घर की छत पर भी गोला गिरा है। इस गांव के जगदीश सिंह का टैंकर गोला गिरने से फट गया।
बिना फटे मिले तीन गोले
मावा मोड़ के पास कुलदीप राज की वर्कशाप में गोला गिरा, जिसमें सुरेंद्र सिंह निवासी मावा और रोहित कुमार निवासी सुजानपुर पंजाब घायल हो गए।
दोनों को जीएमसी भी भेजा गया था, लेकिन यहां से थोड़ी देर बाद वे चले गए। उन्हें सांबा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां एक निजी स्कूल के मैदान में गोला गिरने से स्कूल बस को नुकसान हुआ है।
मावा कैंप के सतपाल के घर के पास गोला फटने से एक बछड़ा जख्मी हो गया। गांव में बिना फटे तीन गोले भी मिले हैं, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। चचवाल, चलेआरी और मंगु चक गांव और इनके आसपास भी भारी संख्या में मोर्टार के गोले गिरे हैं।
हालांकि, इन गांवों के ग्रामीण सुरक्षित हैं। कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के हीरानगर के बोबिया और भाटी मेरो गांव में पाकिस्तान ने शुक्रवार देर रात गोलाबारी शुरू कर दी।
जब लोग अपने घरों में सोए हुए थे, तो हीरानगर के सीमा से सटे बोबिया गांव पर पाकिस्तान की ओर से पहले गोलीबारी की गई और बाद में मोर्टार के गोले भी दागे गए। इस दौरान ग्रामीण घरों में ही दुबके रहे।
7700 लोगों के ठहरने का इंतजाम किया
यहां गोली लगने से तीन मवेशी जख्मी हुए हैं। सीमावर्ती गांव भाटी मेरो में गोलाबारी से दो बैल मारे गए। सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी से हुए नुकसान और फौरी राहत के लिए सुबह एसडीएम हीरानगर सोहनलाल शर्मा के नेतृत्व में टीम पहुंची।
टीम में तहसीलदार और पशुपालन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सक शामिल थे। घायल जानवरों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई है।
एसडीएम हीरानगर ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से देर रात संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए हीरानगर सेक्टर के भाटी मेरो और बोबिया गांव को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया गया है और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को शिफ्ट कर राहत शिविरों में रखा जाएगा।
जीरो लाइन से सटे बाइस गांवों के 7700 लोगों के ठहरने के लिए इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही चकड़ा में एक एंबुलेंस और हीरानगर में तीन एंबुलेंस किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखी गई हैं।