जम्मू: बस्तियों पर लगातार बरस रहे हैं पाकिस्तानी गोले
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पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। खास बात यह रही कि पिछले दो दिनों से दिन के उजाले में भी गोले बरस रहे हैं। डीजी बीएसएफ डीके पाठक जब सीमांत इलाकों का जायजा ले रहे थे उस समय भी सरहद के उस पार से कठुआ, पलावला और सांबा सेक्टरों की अग्रिम चौकियों और रिहायशी इलाकों पर जमकर गोलाबारी की गई।
वीरान हुए गांवों में सन्नाटा पसरा है। स्कूल-कालेज बंद हैं। 90 गांवों के 20 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ चुके हैं। कठुआ जिले के राहत शिविरों में आने वाले लोगों की संख्या 4841 हो गई। पहाड़पुर, मनियारी, पानसर और बोबिया के लोगों को बुलेट प्रूफ वाहनों की मदद से राहत शिविरों में लाया गया।
सांबा को मिलाकर सात हजार से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। इलाके के स्कूल और पंचायत घर शरणार्थी शिविरों में तब्दील हो चुके हैं। बड़ी तादाद में प्रशिक्षित आतंकियों और फिदायीनों की घुसपैठ करा पाने में मिली नाकामी से पाकिस्तान बुरी तरह बौखला उठा है। देर रात तक गोलाबारी रुक-रुक कर जारी थी।
खाली हो चुके गांवों पर दागे गोले
लगातार ऐसी सूचनाएं आ रहीं हैं कि पाकिस्तानी रेंजरों को अपनी सेना और प्रशिक्षित आतंकियों का हर मुमकिन सहयोग मिल रहा है। हाफिज सईद इसी इलाके में रहकर साजिशों का ताना-बाना बुन रहा है। गणतंत्र दिवस और अमेरिकी राष्ट्रपति के आने का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वेसे-वैसे आतंकी तंजीमों और पाक सेना की बौखलाहट बढ़ती जा रही है।
इसी खिसियाहट में उसने सरहदी गांवों की बस्तियों में गोले बरसाना शुरू कर दिया है। जम्मू दौरे पर आए बीएसएफ के डीजी पाठक मंगलवार की दोपहर जब सांबा सेक्टर के पंज टीला स्थित बीएसएफ की टुकड़ी में अफसरों से सीमा का जायजा ले रहे थे, तो उसी वक्त पलांवलां स्थित संगम पोस्ट के ईदगिर्द पाक ने रुक-रुक कर फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान धुंध की आड़ में सीमा पर हलचल देख भारतीय सेना ने भी जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से करीब साढ़े तीन घंटे तक फायरिंग से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कठुआ के पहाड़पुर और चक चंद्रा क्षेत्र में भी शाम को पाक रेंजरों ने गोलाबारी शुरू कर दी। इसका भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
सीमांत क्षेत्रों के जिन गांवों को निशाना बनाया जा रहा है, वह पहले ही खाली करवा दिए गए हैं। एक दिन पहले पाकिस्तान ने सांबा, रामगढ़, हीरानगर और कठुआ सेक्टर में सरहद की 40 से अधिक चौकियों और 90 सीमांत गांवों को निशाना बनाकर मोर्टारों और मशीनगनों से गोले दागे थे।
सेना चला रही है तलाशी अभियान
विधानसभा चुनाव के दौरान मेंढर से तीन-चार आतंकियों की घुसपैठ हुई थी, लेकिन इन आतंकियों का कोई पता नहीं चल पाया।
खुफिया
एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि यह आतंकी मेंढर, सुरनकोट, मंजाकोट,
गंभीर मुगला, गुरसाई और थन्नामंडी के इलाकों में ही कहीं छुपे हुए हैं और
उनकी गतिविधियां चल रही हैं।
सोमवार को मेंढर में संदिग्धों की
मूवमेंट देखी गई। अखनूर के पलांवाला सेक्टर में भी संदिग्धों की मूवमेंट
देखी गई। जम्मू में सेना के प्रवक्ता मुनीष मेहता का कहना है कि मेंढर में
मूवमेंट देखे जाने के बाद सर्च आपरेशन चलाया गया है।
पलांवाला
सेक्टर में मूवमेंट थी, लेकिन जांच करने के बाद वहां एक कुत्ते की उपस्थिति
पाई गई। कुत्ता भारतीय साइड का था। कई संदिग्ध जगहों पर सेना अब सर्च
आपरेशन चला रही है।