पाक आतंकी नावेद का रिमांड 14 दिन और बढ़ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब को स्पेशल जज (एनआईए) वाईपी कोतवाल ने 14 दिन के लिए फिर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। शुक्रवार को उसके पिछले रिमांड की अवधि पूरी हुई थी।
स्पेशल जज ने नावेद की केस डायरी देखने के बाद पाया कि उधमपुर हमले के आतंकी नेटवर्क, षड्यंत्रकारी, फाइनेंसर और हैंडलरों तक पहुंचने के लिए अभी जांच टीम को नावेद की जरूरत है। जम्मू कश्मीर के अलग-अलग स्थानों पर मामले की गहन जांच चल रही है। मामले के कई आरोपी अभी फरार हैं।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने मोहम्मद नावेद (पुत्र मोहम्मद याकूब, निवासी गुलाम मोहम्मदाबाद कूकियां वाला, फैसलाबाद, पंजाब, पाकिस्तान) की रिमांड अवधि बढ़ाते हुए उसे 17 सितंबर को फिर पेश करने को कहा।
नावेद से मिले जिंदा ग्रेनेड नष्ट करने के आदेश
एनआईए के विशेष जज वाईपी कोतवाल ने आतंकी नावेद की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से मिले जिंदा ग्रेनेड को नष्ट करने के आदेश दिए हैं। एनआईए की ओर से इस संबंध में दिए आवेदन पर अदालत ने निर्देश दिए। जज ने एसएसपी उधमपुर को आदेश दिया कि मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मानक संचालक प्रक्रिया के तहत विशेषज्ञ से ग्रेनेड ध्वस्त करवाया जाए।
शौकत की ब्रैन मैपिंग पर आखिरी समय में इरादा बदला
पाकिस्तानी आतंकी नावेद और अन्य आतंकियों के मददगार लश्कर के ओवर ग्राउंड वर्कर शौकत अहमद भट की ‘ब्रेन मैपिंग’ और ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ फिलहाल नहीं होगा। शौकत को 14 दिन के रिमांड पर लेने वाली एनआईए की टीम शुक्रवार को उसे लेकर अदालत पहुंची, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से जांच की अनुमति के लिए आवेदन पेश नहीं किया।
बताया जाता है कि पहले शौकत को नई दिल्ली ले जाकर जांच करने की एनआईए की योजना थी, लेकिन अभी रिमांड पर उससे और पूछताछ करने का फैसला लिया गया है। सुबह लगभग आठ बजे एनआईए टीम कड़ी सुरक्षा के बीच शौकत को लेकर अदालत पहुंची। उसे काफी देर तक बैठाए रखा। बाद में उसे अदालत से वापस ले जाया गया।