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J&K: पाकिस्तान कर सकता बड़ी कार्रवाई, उड़ी सेक्टर में पाक ने ग्रामीणों से खाली कराए गांव
अमृतपाल सिंह बाली,अमर उजाला,श्रीनगर
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:34 PM IST
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पाक की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते भारतीय सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान लगातार रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। शनिवार को पाक की ओर से की गई फायरिंग में आधा दर्जन मकानों को नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान ने लाउड स्पीकरों का इस्तेमाल कर उड़ी के लोगों से गांव खाली करने को कहा है।
इससे आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों के साथ ही सहानुभूति जताने के उद्देश्य से यह रणनीति अपनाई है ताकि ग्रामीणों को नुकसान न उठाना पड़े। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अधिकतर गांव खाली करवा लिए गए हैं।
जिन इलाकों को पाकिस्तान लगातार निशाना बना रहा है उनमें कुछ गांव फेंस के उस पार हैं। इनमें तिल्लावारी, सिलिकूट, हथलंगा, सूरा आदि हैं। डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने घर छोड़ा है। एसडीएम के अनुसार 700 से अधिक लोग शिविर में हैं जबकि इतने ही लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
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शनिवार की सुबह एक बार फिर से उड़ी सेक्टर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी से गूंज उठा। इलाके के तिल्लावारी और सिलिकूट के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान ने आटोमेटिक हथियारों सहित मोर्टार शैल का भी इस्तेमाल किया। भारतीय सेना के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। सुबह करीब 11:50 बजे शुरू हुई गोलाबारी करीब 4 घंटे तक जारी रही।
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इससे आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों के साथ ही सहानुभूति जताने के उद्देश्य से यह रणनीति अपनाई है ताकि ग्रामीणों को नुकसान न उठाना पड़े। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अधिकतर गांव खाली करवा लिए गए हैं।
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जिन इलाकों को पाकिस्तान लगातार निशाना बना रहा है उनमें कुछ गांव फेंस के उस पार हैं। इनमें तिल्लावारी, सिलिकूट, हथलंगा, सूरा आदि हैं। डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने घर छोड़ा है। एसडीएम के अनुसार 700 से अधिक लोग शिविर में हैं जबकि इतने ही लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
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शनिवार की सुबह एक बार फिर से उड़ी सेक्टर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी से गूंज उठा। इलाके के तिल्लावारी और सिलिकूट के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान ने आटोमेटिक हथियारों सहित मोर्टार शैल का भी इस्तेमाल किया। भारतीय सेना के जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। सुबह करीब 11:50 बजे शुरू हुई गोलाबारी करीब 4 घंटे तक जारी रही।
लाउड स्पीकरों से गांव छोड़ने की दी जा रही है चेतावनी
दोनों ओर से लगातार हो रही भीषण गोलाबारी के बीच पाकिस्तान की ओर से लाउड स्पीकरों का इस्तेमाल कर उड़ी सेक्टर में रहने वाले लोगों से गांव छोड़ने को कहा गया। एसडीपीओ उड़ी जावेद अहमद शाह ने बताया कि हालांकि उन्होंने यह एनाउंसमेंट नहीं सुना है, लेकिन स्थानीय लोगों ने इस संबंध में जानकारी दी है।
पाकिस्तान द्वारा ऐसे हथकंडे पहले भी अपनाए गए हैं। वह अपनी मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकरों से उड़ी के लोगों को गांव खाली करने के लिए पहले भी कह चुके हैं।कंट्रोल रूम स्थापित उड़ी में गोलाबारी से उत्पन्न स्थिति में लोगों को हर मुमकिन सहायता पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
इसके अलावा जिन गांवों में कुछ लोग बच गए हैं उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए अधिक से अधिक गाड़ियों और एंबुलेंसों का इंतजाम किया गया है।
प्रशासनिक टीम को भागना पड़ा
बारामुला जिले के डीसी डा. नासिर नक्काश तथा एसडीएम डा. डी सागर शनिवार को पाक की गोलाबारी में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सिलिकूट गांव पहुंचे थे। इस दौरान अचानक गोलाबारी शुरू हो गई तो उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।
पाकिस्तान द्वारा ऐसे हथकंडे पहले भी अपनाए गए हैं। वह अपनी मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकरों से उड़ी के लोगों को गांव खाली करने के लिए पहले भी कह चुके हैं।कंट्रोल रूम स्थापित उड़ी में गोलाबारी से उत्पन्न स्थिति में लोगों को हर मुमकिन सहायता पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
इसके अलावा जिन गांवों में कुछ लोग बच गए हैं उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए अधिक से अधिक गाड़ियों और एंबुलेंसों का इंतजाम किया गया है।
प्रशासनिक टीम को भागना पड़ा
बारामुला जिले के डीसी डा. नासिर नक्काश तथा एसडीएम डा. डी सागर शनिवार को पाक की गोलाबारी में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सिलिकूट गांव पहुंचे थे। इस दौरान अचानक गोलाबारी शुरू हो गई तो उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।