{"_id":"6771b3b612ca5148ad072cb5","slug":"overdose-news-jammu-news-c-10-lko1027-512965-2024-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: नशे का बढ़ता चलन जानलेवा, ओवरडोज से माैत के मामले बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: नशे का बढ़ता चलन जानलेवा, ओवरडोज से माैत के मामले बढ़े
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमित कुमार
जम्मू। समाज में नशे का बढ़ता चलन जानलेवा हो रहा है। नशे की ओवरडोज के मामलों में युवा मौत के मुंह में जा रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले ऐसे पीड़ितों के इतिहास के बारे में तीमारदारों की तरफ से पूरी जानकारी न देने से उनमें ड्रग रिएक्शन का खतरा भी बढ़ा है।
जीएमसी जम्मू के आईसीयू में हर माह 10 से 15 ड्रग ओवरडोज के मामले पहुंच रहे हैं। इनमें 17 से 30 साल आयु वर्ग के युवा अधिक पीड़ित हैं। युवाओं में हेरोइन का नशा बढ़ा है। शहर के विभिन्न इलाकों से कई लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जा चुके हैं, जिनके ड्रग ओवरडोज से मरने की आशंका है। पीड़ित के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी दें तीमारदार : एचओडी: जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी डाॅ. अनीता विज के अनुसार ड्रग ओवरडोज के मामलों में तीमारदारों द्वारा पीड़ित के बारे में पूरी जानकारी न देना कई बार उसे इलाज में दिक्कत करता है।
ऐसे मामलों में पीड़ित में ड्रग रिएक्शन का खतरा अधिक रहता है। अगर डाॅक्टर को पहले ही उसके नशे के बारे में जानकारी होगी तो वह उसके मुताबिक उसे बेहतर चिकित्सा दे सकता है। तीमारदारों को अपने मरीज के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित हैपेटाइटिस, एचआईवी आदि से पीड़ित होते हैं, जिससे चिकित्सा स्टाफ को भी खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। समाज में नशे का बढ़ता चलन जानलेवा हो रहा है। नशे की ओवरडोज के मामलों में युवा मौत के मुंह में जा रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले ऐसे पीड़ितों के इतिहास के बारे में तीमारदारों की तरफ से पूरी जानकारी न देने से उनमें ड्रग रिएक्शन का खतरा भी बढ़ा है।
जीएमसी जम्मू के आईसीयू में हर माह 10 से 15 ड्रग ओवरडोज के मामले पहुंच रहे हैं। इनमें 17 से 30 साल आयु वर्ग के युवा अधिक पीड़ित हैं। युवाओं में हेरोइन का नशा बढ़ा है। शहर के विभिन्न इलाकों से कई लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जा चुके हैं, जिनके ड्रग ओवरडोज से मरने की आशंका है। पीड़ित के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी दें तीमारदार : एचओडी: जीएमसी के एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी डाॅ. अनीता विज के अनुसार ड्रग ओवरडोज के मामलों में तीमारदारों द्वारा पीड़ित के बारे में पूरी जानकारी न देना कई बार उसे इलाज में दिक्कत करता है।
विज्ञापन
ऐसे मामलों में पीड़ित में ड्रग रिएक्शन का खतरा अधिक रहता है। अगर डाॅक्टर को पहले ही उसके नशे के बारे में जानकारी होगी तो वह उसके मुताबिक उसे बेहतर चिकित्सा दे सकता है। तीमारदारों को अपने मरीज के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित हैपेटाइटिस, एचआईवी आदि से पीड़ित होते हैं, जिससे चिकित्सा स्टाफ को भी खतरा रहता है।
विज्ञापन