'चुनाव से पहले सांप्रदायिक दंगे की साजिश'
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जम्मू-कश्मीर में चुनाव से पहले सांप्रदायिक दंगे कराए जा सकते हैं। कांग्रेस को आशंका है कि विरोधी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
उधमपुर में कांग्रेस अधिवेशन के लिए पहुंचे गुलाम नबी आजाद ने आशंका जताई की कौसरनाग यात्रा के नाम पर रियासत की फिजा बिगाड़ने का काम किया जा रहा है।
आजाद ने कहा कि ऐसा सब चुनावों से पहले ही होता है। कुछ राजनीतिक और असामाजिक दल सांप्रदायिकता को हवा देकर ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं। वर्ष 2008 में भी श्री अमरनाथ यात्रा भूमि विवाद खड़ा किया गया।
आजाद ने कहा, ऐसे राजनीतिक दल देश ही नहीं राज्य में भी सक्रिय हैं। वे वोट पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। जानबूझकर दो समुदायों को बांटने की साजिश की जा रही है।
चुनाव बाद कांग्रेस होगी सबसे बड़ी पार्टी
आजाद ने कहा कि उत्तराखंड में तीन सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा किया है। देश में मोदी लहर का कोई नामोनिशान नहीं रहा है। लोगों के सपने बिखर गए हैं। पेट्रोल, डीजल का रेट बढ़ा है।
रेल का किराया बढ़ गया और महंगाई आसमान छू रही है। आम जनता को पता चल गया है कि उन्होंने गलत वोट दिया है। अब जम्मू कश्मीर में भी चुनाव है। कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।
आजाद ने कहा कि सैफुद्दीन सोज और उनमें कोई मतभेद नहीं हैं। कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री कौन होगा पूछने पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव के बाद बताया जाएगा।
फिलहाल पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत कर उनकी मुश्किलों को सुना जाएगा।
'अपने दम पर सरकार बनाएगी कांग्रेस'
लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने दावा किया है वह जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार अपने बलबूते बनाएगी।
चुनावी घोषणा पत्र में जम्मू, लद्दाख, कश्मीर, चिनाब वेली आदि अन्य क्षेत्रों की भावनाओं का ध्यान रखने का भी पार्टी नेताओं ने दावा किया।
कौसर नाग यात्रा के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कुछ राजनीतिक और असामाजिक तत्व सांप्रदायिकता को हवा देते हैं।