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डीएसपी पर हत्या का केस दर्ज करने के आदेश
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 06 Aug 2016 01:13 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Demo Pic.
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने सीजेएम श्रीनगर के आदेश को रद्द करते हुए आदेश दिया कि डीएसपी के खिलाफ टंगपोरा में युवक की हत्या का मामला दर्ज किया जाए। न्यायाधीश मोहम्मद याकूब मीर ने सरकार की याचिका को रद्द करते हुए सीजेएम को आदेश दिया कि वह कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करें।
सीजेएम ने एसएसपी श्रीनगर अमित कुमार को डीएसपी यासिक कादरी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। डीएसपी के खिलाफ 10 जुलाई को शबीर अहमद मीर की हत्या करने का आरोप है।
पुलिस की तरफ से चीफ प्रोेसीक्यूटिंग अफसर ने बताया कि पहले से ही डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज है। कोर्ट ने पाया कि जो मामला दर्ज किया गया है, वह केवल घटना है। मीर की हत्या का मामला दर्ज नहीं है।
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मृतक के पिता अब्दुल रहमान कादरी ने कोर्ट में बताया कि एसएसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। डीएसपी को सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी के समक्ष पेश किया गया और बाद में उसे रिहा कर दिया। अब्दुल रहमान मीर ने बताया कि 10 जुलाई शाम पौने सात बजे पुलिस की टीम उसके टंगधार स्थित घर में आई।
घर के सदस्य टीवी देख रहे थे और पुलिस टीम ने दरवाजे और खिड़कियां तोड़नी शुरू कर दीं। पुलिस ने याची की पत्नी को पीटना शुरू किया और उसका बेटा यासीर इसे सहन नहीं कर पाया। अपनी मां को छुड़ा रहा था कि पुलिस पार्टी ने उसे भी बुरी तरह से पीट दिया। पिस्तौल से दो गन शाट लगाए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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सीजेएम ने एसएसपी श्रीनगर अमित कुमार को डीएसपी यासिक कादरी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। डीएसपी के खिलाफ 10 जुलाई को शबीर अहमद मीर की हत्या करने का आरोप है।
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पुलिस की तरफ से चीफ प्रोेसीक्यूटिंग अफसर ने बताया कि पहले से ही डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज है। कोर्ट ने पाया कि जो मामला दर्ज किया गया है, वह केवल घटना है। मीर की हत्या का मामला दर्ज नहीं है।
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मृतक के पिता अब्दुल रहमान कादरी ने कोर्ट में बताया कि एसएसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। डीएसपी को सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी के समक्ष पेश किया गया और बाद में उसे रिहा कर दिया। अब्दुल रहमान मीर ने बताया कि 10 जुलाई शाम पौने सात बजे पुलिस की टीम उसके टंगधार स्थित घर में आई।
घर के सदस्य टीवी देख रहे थे और पुलिस टीम ने दरवाजे और खिड़कियां तोड़नी शुरू कर दीं। पुलिस ने याची की पत्नी को पीटना शुरू किया और उसका बेटा यासीर इसे सहन नहीं कर पाया। अपनी मां को छुड़ा रहा था कि पुलिस पार्टी ने उसे भी बुरी तरह से पीट दिया। पिस्तौल से दो गन शाट लगाए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।