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नशीली दवाओं के संभावित क्षेत्रों की पहचान करें : मंडलायुक्त
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जम्मू। मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार ने जिला उपायुक्तों को नशीली दवाओं के संभावित क्षेत्रों की पहचान करके सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ व्यापक जागरूकता अभियानों में स्कूली बच्चों, युवाओं, पीआरआई, लक्षित जनता सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों को शामिल करने को कहा। राजमार्ग जिला के उपायुक्त ढाबों, पेट्रोल पंपों आदि पर प्रवर्तन सुनिश्चित करें। प्रवेशद्वार लखनपुर में अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई जाए। मंडलायुक्त ने मंगलवार को नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की मंडल स्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को रोकने के उपायों पर चर्चा की।
नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय मजबूत बनाने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा नार्को समन्वय केंद्र की समितियों का गठन किया गया है। मंडलायुक्त ने उपायुक्तों को नार्को समन्वय केंद्र की जिला स्तरीय समितियों का गठन करने का निर्देश दिया, जिसमें जिला सामाजिक न्याय अधिकारी, कृषि अधिकारी, दवा नियंत्रक के अलावा नागरिक, पुलिस अधिकारी, आबकारी, शिक्षा व स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि सदस्यों के रूप में शामिल हों। नशाखोरी और समाज पर इसके दुष्प्रभावों के संबंध में सरकारी संस्थानों में संगोष्ठी, सेमिनार, कार्यशालाओं का आयोजन करने पर जोर दिया गया। एसएसपी एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स विनय शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति में जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के समग्र परिदृश्य और खतरे को रोकने के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया।
जिला स्तर पर सर्वेक्षण होगा
मंडलायुक्त ने सर्वेक्षण समिति को नशा प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों की सही संख्या का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करने के लिए प्रारूप तैयार करने को कहा गया। उपायुक्तों को जिलों में सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मास्टर प्रशिक्षकों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया गया कि नशा मुक्त भारत अभियान में जिला डोडा, किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ को लिया गया है।
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नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय मजबूत बनाने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा नार्को समन्वय केंद्र की समितियों का गठन किया गया है। मंडलायुक्त ने उपायुक्तों को नार्को समन्वय केंद्र की जिला स्तरीय समितियों का गठन करने का निर्देश दिया, जिसमें जिला सामाजिक न्याय अधिकारी, कृषि अधिकारी, दवा नियंत्रक के अलावा नागरिक, पुलिस अधिकारी, आबकारी, शिक्षा व स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधि सदस्यों के रूप में शामिल हों। नशाखोरी और समाज पर इसके दुष्प्रभावों के संबंध में सरकारी संस्थानों में संगोष्ठी, सेमिनार, कार्यशालाओं का आयोजन करने पर जोर दिया गया। एसएसपी एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स विनय शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति में जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के समग्र परिदृश्य और खतरे को रोकने के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया।
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जिला स्तर पर सर्वेक्षण होगा
मंडलायुक्त ने सर्वेक्षण समिति को नशा प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों की सही संख्या का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करने के लिए प्रारूप तैयार करने को कहा गया। उपायुक्तों को जिलों में सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मास्टर प्रशिक्षकों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया गया कि नशा मुक्त भारत अभियान में जिला डोडा, किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ को लिया गया है।
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