जम्मू-कश्मीरः पुलवामा में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, सुंजवां हमले का मास्टरमाइंड ढेर
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दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के लेथपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ में सुंजवां हमले का मास्टरमाइंड जैश कमांडर को मार गिराया गया है। जो कि सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। मारे गए आतंकी की पहचान जैश के टॉप कमांडरों में से एक मुफ्ती वाकस के तौर पर हुई है।
जानकारी के अनुसार पुलवामा जिले के लेथपोरा के हट्टापोरा इलाके में सुरक्षाबलों को आतंकी के मौजूदगी के खुफिया इनपुट्स मिले थे। जिसके बाद सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल और जम्मू कश्मीर पुलिस की एसओजी ने एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
घेरा सख्त होता देख आतंकी ने गोलीबारी शुरू कर दी। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में आतंकी मारा गया। बता दें कि वकास पाकिस्तान का रहने वाला था और वह कई सालों से कश्मीर में ही रह कर फिदायीन हमलों की साजिशे रचता था।
खबर है कि आतंकी सुंजवां हमले के साथ ही पुलवामा डीपीएल, श्रीनगर एयरपोर्ट बीएसएफ कैंप पर हुए फिदायीन हमलों का भी मास्टरमाइंड था। जानकारी के मुताबिक दोनों ओर से गोलीबारी जारी है।
आतंकियों की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की खबर है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
He was Cheif Commander of JEM in J&K & master mind of suicidal attacks of Sunjuwan , Lethpora , Pulwama DPL and BSF at Srinagar airport.
— Shesh Paul Vaid (@spvaid) March 5, 2018
A++ केटेगरी का था मारा गया आतंकी
लेथपोरा में मारा गया आतंकी ए++ केटगरी का था। आतंकी वकास घाटी में काफी सालों से सक्रिय था। गौरतलब है कि आतंकी श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों के राडर पर था। लेकिन लगातार वो बच निकलने में कामयाब हो जाता था।
बुधवार तक सभी स्कूल बंद
सुरक्षा के मद्देनजर घाटी के सभी स्कूलों को बुधवार तक बंद रखने का आदेश दे दिया गया है। गौरतलब है कि दो महीने की लंबी सर्दियों की छुट्टी के बाद वादी के स्कूल 5 मार्च से खुलने वाले थे। लेकिन अब फिर से उन्हें बंद कर दिया गया है।
सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी
मुफ्ती वकास का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। गौरतलब है कि वकास ही हर फिदायीन हमले का खाका तैयार करता था। सूत्रों के मुताबिक नूर तांत्रें के बाद सबसे मजबूत नेटवर्क वकास का ही माना जाता था।
नूर तांत्रें के बाद संभाली थी कमान
तीन फुटिया आतंकी नूर मोहम्मद त्राली उर्फ नूर तांत्रें के मारे जाने के बाद जैश के बिखरे नेटवर्क को वकास ने ही खड़ा किया था। वकास घाटी में जैश का चीफ कमांडर था। जिसे फिदायीन हमलों की साजिश रचने का जिम्मा सौंपा गया था।
वीडियो जारी कर दी थी धमकी
आतंकी मुफ्ती वकास ने कुछ दिनों पहले एक वीडियो जारी करके अफजल गुरू की फांसी का बदला लेने की धमकी दी थी। गौरतलब है कि उसी के कुछ दिनों बाद ही जम्मू के सुंजवां में फिदायीन हमला हुआ था। जिसमें सेना की कुल 6 जवान शहीद हो गए थे।