करिश्मा चिब जम्मू। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन कमें शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं। जिससे शराब पीने वालों लत वाले लोगों में विदड्राल के लक्षण नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि दिन में पांच से छह कॉल ऐसे आते हैं जिसमें लोग कई तरह की समस्या के बारे में बताते हैं। जो उन्हें शराब नहीं मिलने से हो रहे हैं। जिसमें लोगों को घबराहट, गुस्सा, दर्दें आदि जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस लॉकडाउन के समय में शराब की अपनी लत छोड़ने का एक बेहतरीन मौका है, जिसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस समय शराब नहीं मिलने से सबसे ज्यादा विदड्राल के लक्षण उन लोगों में नजर आ रहे हैं, जिन्हें हर समय सुबह शाम शराब पीने की लत है। उसके बाद वह लोग आते हैं जिन्हें रात में एक समय शराब चाहिए ही होती है, उनमें यह लक्षण कम दिखाई देते हैं। उन्हें बस नींद कम पड़ती है। उसके बाद वह लोग जो कभी-कभी दोस्तों के साथ पीते हैं उन्हें ज्यादा समस्या नहीं हो रही है। डॉ जगदीश थाप्पा ने बताया कि शराब नहीं मिल पाने से लॉकडाउन के दौर में हर अगले दिन को कैसे काटा जाए और इसके चलते पैदा हो रहे तनाव से कैसे निबटें यह सवाल कई लोगों के ज़ेहन में पैदा हो रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि शराब इस हालात से निबटने का सबसे आसान उपाय है, पर वो मिल नहीं पा रही। जिससे परेशानी हो रही है। लोगों द्वारा इस समय सबसे ज्यादा नींद की दवाई का नाम पूछा जा रहा है ताकि उन्हें शराब के बिना नींद आ जाए और उनका समय निकल जाए। छोड़ सकते हैं लत डॉ जगदीश थाप्पा के अनुसार 80 प्रतिशत तक शराब छोड़ने से होने वाले विदड्राल लक्षण 7 दिनों में खत्म हो जाते हैं। यह बात सबसे ज्यादा निर्भर करता है व्यक्ति की साइकोलॉजी पर कि वह कितनी जल्दी इससे बाहर आता है। ठंडे पानी से नहाए डॉ थापा का कहना है कि इस समय यदि किसी को शराब नहीं मिल पाने से किसी भी तरह के विदड्राल लक्षण होते हैं और उसे शराब पीने का बहुत ही मन करता है तो वह ठंडे पानी से नहाए। जिसके बाद वह पूजा में ध्यान लगाए और गुनगुनाते हुए पूजा करे। साथ ही ज्यादा से ज्यादा समय घरवालों के साथ व्यतीत करें। इससे उनका ध्यान उस तरफ नहीं जाएगा।