उमर ने कहा, सादगी के साथ मनाएंगे ईद
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईद का त्योहार बिल्कुल सादगी के साथ मनाने का फैसला किया है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ में हुए जान-माल के नुकसान को देखते हुए कहा कि बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। कई की जान गई है।
राज्य की अर्थव्यवस्था और संपत्ति को भारी क्षति पहुंची है। इन सब स्थितियों को देखते हुए उत्साह तथा उल्लास के साथ बकरीद न मनाने का निश्चय किया है। उन्होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से अपील की है कि वे बकरीद पर अपने क्षेत्र में रहें।
साथ ही बाढ़ पीड़ित लोगों के साथ ईद मनाएं। उन्हें हर प्रकार की सहायता देने की कोशिश करें। उन्होंने पावन पर्व पर बधाई देने के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचने की बजाय बाढ़ पीड़ितों के बीच रहकर उनकी मदद करने की अपील की है।
ईदगाह के विकास के लिए ग्रांट जारी
इस बीच जम्मू कश्मीर विधानसभा के स्पीकर मुबारक गुल ने शनिवार को ईदगाह का दौरा कर ईद की नमाज की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी सुविधाएं तत्काल मुहैया कराने को कहा ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा ताकि संक्रामक बीमारी न फैलने पाए। साथ ही बाढ़ के बाद बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। विभिन्न स्थानों पर लोगों से बातचीत में गुल ने कहा कि ईदगाह के विकास के लिए सरकार ने 1.8 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
'जल्द से जल्द शुरू हों अस्पताल'
रियासत सरकार बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकार हरसंभव मदद कर रही है। बाद में विभिन्न विभागों के साथ बैठक में उन्होंने नूर बाग अस्पताल को दो माह में सुचारु रूप से शुरू करने के निर्देश दिए। झेलम की बाढ़ से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग से कहा।
बैठक में स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि नूरबाग अस्पताल में डाक्टरों और गैर चिकित्सकीय संवर्ग के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अस्पताल के लिए चिकित्सा उपक रण भी तय समय पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।