फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   omar says, talk is a single way

उमर ने फिर दोहराया, पाकिस्तान से वार्ता ही एकमात्र रास्ता

Wed, 03 Sep 2014 02:00 PM IST
Updated Wed, 03 Sep 2014 02:00 PM IST
विज्ञापन
omar says, talk is a single way

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी का संकट हल करने का एकमात्र रास्ता वार्ता है। सीमा पर झड़पों ने हमेशा आम लोगों को दुखी करने के अलावा उनके जीवन को मुश्किलों में डाला है।

विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी से सीमावर्ती इलाकों के लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को सीमावर्ती इलाकों में पहुंचे और पिछले दिनों पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी से हुए नुकसान का जायजा लिया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ज्योडा फार्म में उस कुल्ले में भी पहुंचे, जहां पाक शेल गिरने से पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गोलाबारी से प्रभावित परिवारों को तीन माह तक मुफ्त राशन मुहैया करवाने की घोषणा भी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी

omar says, talk is a single way

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के इन क्षणों में सरकार आपके साथ है और हर तरह से उन्हें मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गोलाबारी से प्रभावित लोगों को एसआरओ 43 का लाभ देगी और अधिग्रहण की गई उनकी जमीन का मुआवजा देने का मामला कैबिनेट में रखेंगे।

इसके अलावा सीमांत इलाकों में बंकर बनाने का मामला पहले ही सरकार ने गंभीरता से उठाया है। वर्तमान में यह मामला केंद्र सरकार के पास लंबित है, जिसे रियासत के दौरे पर आने वाले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष उठाया जाएगा।

साथ ही गोलाबारी का शिकार होने वाले पिता-पुत्र के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के आवश्यक निर्देश भी दिए। उमर ने कहा कि सीमा पर शांति दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। उमर ने कहा, ‘हम कभी भी युद्ध नहीं चाहते। लेकिन विवादित मुद्दों का हल बातचीत और शांतिपूर्ण ढंग से चाहते हैं। पड़ोसी दोस्ती रखता है तो दोनों देशों की भलाई है।’

राजनीति करने नहीं दुख दर्द बांटने आया हूं

omar says, talk is a single way

वहीं ज्यौडिया फार्म में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पाक गोलाबारी से सीमांत ग्रामीणों को हुए नुकसान का उन्हें दुख है। गोलाबारी के समय जान गंवाने वालों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन परिवार की पीड़ा समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कोई राजनीति करने के लिए ग्रामीणों के बीच नहीं पहुंचे हैं, बल्कि अपना फर्ज निभाने और दुख-दर्द बांटने के लिए आए हैं।


उन्होंने कहा कि तरणजीत सिंह टोनी सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिन दिक्कतों के बारे में जानकारी मुहैया करवाई है, उसके समाधान के लिए साथ आए जिलाधीश से उस पर अमल करने के लिए निर्देश दिया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ गृह राज्यमंत्री सज्जाद अहमद किचलू, नेकां के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा, जिलाधीश जम्मू अजीत कुमार साहू आदि मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed