शरीफ को जनमत संग्रह की बात करने का हक नहीं : उमर
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो टूक कहा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कश्मीर में जनमत संग्रह कराने की बात करने का हक नहीं है। पाकिस्तान ने हमेशा कश्मीर को छलनी किया है। हिंदुस्तान ने कभी कश्मीर पर हमला नहीं किया।
हमला तो पाकिस्तान ने किया था, जब कबायलियों ने उत्पात मचाया। लोग इतिहास भूल जाते हैं। शरीफ को इतिहास पढ़ना चाहिए। ‘अमर उजाला’ को दिए विशेष इंटरव्यू में उमर ने कहा कि वैसे शरीफ ने कोई नई बात नहीं कही है।
पाकिस्तान वर्षों से कश्मीर का रग अलापता रहा है। हां, इतना तय है कि इस बार संयुक्त राष्ट्र में अरसे बाद पाकिस्तान की ओर से जनमत संग्रह का मुद्दा उठाया गया है।
पाक की आवाम को संबोधित कर रहे थे शरीफ
उमर ने कहा कि शरीफ दरअसल यूएन में दुनिया को नहीं, बल्कि पाकिस्तान की आवाम को संबोधित कर रहे थे। यह बात वह पाकिस्तानी टीवी के जरिए भी कर सकते थे। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र का मंच उचित नहीं था। शरीफ जिन मुश्किलों में घिरे हैं और उनकी आंतरिक स्थिति जितनी कमजोर है, उसमें उनकी ताजा तकरीर से उनका सियासी फायदा दिखता होगा।
रिश्ते और कमजोर होंगे
शरीफ के बयान से हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते और कमजोर होंगे। दोनों मुल्कों को बेहतरी के लिए रिश्ते मजबूत होना जरूरी है। शरीफ ने इसमें रोड़ा अटका दिया है। अब बातचीत फिर कब शुरू होगी, कहा नहीं जा सकता। रिश्ते का ग्राफ बहुत नीचे चला गया है। तनाव और बढ़ेंगे।
कहां से चले थे कहां पहुंच गए
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शरीफ आए थे और बाद में तोहफों का लेन-देन हुआ। चिट्ठयां लिखीं गई तो रिश्ते अच्छे होने के आसार दिखे थे लेकिन अब हालात बिगड़ गए हैं। सेक्रेटरी स्तर की वार्ता को रद करने का मैंने विरोध किया था।
हुर्रियत से पाक की चाय पार्टी तो बीस साल से चल रही है। नरसिम्हा राव के जमाने से यह शुरू हुई और आगे भी चलेगी। इस आधार पर वार्ता रद करना ठीक नहीं था और अब जो शरीफ ने कहा, वह और भी ठीक नहीं है।
पीओके से सेना वापस बुलाए पाक
यूएन के प्रस्ताव में था कि पाकिस्तान कश्मीर से सेना वापस बुला लेगा। उन्होंने वैसा नहीं किया। तो बात वहीं खत्म हो गई। अब जनमत संग्रह चाहते हैं तो पीओके से सेना वापस बुलाएं। फिर कोई बात करें। पहले सेना वापस करें मिसाल कायम करें फिर कश्मीर की बात करें।
कश्मीर के नक्शे से छेड़छाड़ पाक ने किया
हिंदुस्तान ने कश्मीर के नक्शे से कोई छेड़छाड़ नहीं की है। कश्मीर के हिस्से आक्सीचीन को पाकिस्तान ने चीन को तोहपे में दे दिया। उत्तरी पीओके का नक्शा ही बिगाड़ कर रख दिया। अब आक्सीचीन को वापस लेकर कश्मीर के पुराने नक्शे को कायम करें तब कश्मीर की बात करें।
पीओके में बाहरी लोगों को बसाया
पाक ने पीओके में बाहरी लोगों को बसा दिया है। हिंदुस्तान में अनुच्छेद 370 है और यहां मरकजी हुकूमत ने कश्मीर में बाहरी लोगों को नहीं बसाया। यहां स्टेट सब्जेक्ट कायम है। पाक ने कश्मीर के नक्शे की धज्जियां उड़ा दीं।
तिब्बत के प्रति चीन और कश्मीर के प्रति पाक एक जैसा
उमर ने कहा कि चीन जिस तरह से तिब्बत के साथ सलूक करता रहा, ठीक उसी तरह पाकिस्तान ने कश्मीर के साथ व्यवहार किया है। पीओके में कश्मीरियत महफूज नहीं रही।
शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाकर अपने मुल्क में अपनी पोजिशन ठीक करने की कोशिश की है। दुनिया को संबोधित करते हुए उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग की बात कही। कश्मीर का मुद्दा तो उन्होंने अपने फायदे के लिए उठाया।