फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Now the plastic bullet will fire on Stone pelters in the kashmir valley

जम्मू-कश्मीरः अब घाटी में पत्थरबाजों पर चलेंगी प्लास्टिक की बुलेट

Sun, 08 Oct 2017 12:36 AM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Sun, 08 Oct 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
Now the plastic bullet will fire on Stone pelters  in the kashmir valley
- फोटो : FILE PHOTO

अब कश्मीर में पैलेट गन नहीं, बल्कि पत्थरबाजों पर घाव नहीं करने वाली प्लास्टिक की बुलेट चलाई जाएंगी। इसके लिए 21 हजार प्लास्टिक की बुलेट की खेप कश्मीर भेजी जा चुकी है। पत्थरबाजों पर कश्मीर में पैलेट गन चलाए जाने पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे।आरएएफ के सिल्वर जुबली समारोह में पहुंचे सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने इस दौरान बताया कि प्लास्टिक की इन बुलेट का अभी ट्रायल नहीं हुआ है।

विज्ञापन


लेकिन ये पैलेट से कम घातक हैं और इन्हें एके 47 आदि असलहे से भी चलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभी पहली खेप ही बनकर तैयार हुई है, बाकी के निर्माण का काम चल रहा है। किस्तों में बाकी खेप वहां जाएंगी। खड़की पुणे की आर्डिनेंस फैक्ट्री में इन्हें तैयार कर डिजाइन किया गया है। इन्हें इस तरह का बनाया गया है कि भीड़ पर कंट्रोल भी हो जाए और उन्हें ज्यादा नुकसान भी न पहुंचे।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि एके 47 रायफल से अगर प्लास्टिक की बुलेट दागी जाएं तो इससे जान जाने का खतरा नहीं रहेगा। बस इतना ध्यान रखना होगा कि गोलियां किसी संवेदनशील जगह पर न लगें और साथ ही बहुत नजदीक से किसी पर फायरिंग न हो। प्लास्टिक की इन बुलेट को एक-एक करके चलाया जा सकता है, न कि एक साथ। प्रयोग के तौर पर इन बुलेट को कश्मीर भेज दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि कश्मीर में पैलेट गन के प्रयोग को लेकर सुरक्षा बल को आलोचना का सामना करना पड़ा था। सुरक्षा बल भीड़ पर काबू पाने के लिए गैर घातक श्रेणी में आखिरी विकल्प के तौर पर पावा (पेलार्गोनिक एसिड वैनिलिल एमाइड) गोलों और पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहे थे।


केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी आरएएफ के कार्यक्रम में कहा कि कठोर बल प्रयोग करते समय विवेक और नई तकनीकों का भी इस्तेमाल करना चाहिए। इस विषय में और भी तरीकों के बारे में गंभीरता पूर्वक विचार किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed