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ऑनलाइन के साथ अब अदालतों में भी होगी सुनवाई
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जम्मू। हाईकोर्ट में अब वर्चुअल मोड के साथ-साथ प्रत्यक्ष रूप से भी सुनवाई होगी। लोग अदालतों में अपने कामकाज कराने के लिए जा सकेंगे। हालांकि, सरकार की ओर से एसओपी के तहत जरूरी चीजों का ध्यान देने को कहा गया है। सरकार के कोविड-19 को लेकर जारी आदेशों के तहत चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने मंगलवार को यह आदेश दिया।
दोनों पक्षों की सहमति से मामलों की सुनवाई प्रत्यक्ष रूप से होगी। हालांकि, जिन मामलों की वर्चुअल सुनवाई होगी, उसके लिए पहले से ही बताना होगा। रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल फिजिकल सुनवाई वाले मामलों की पहचान करेंगे और इन मामलों को सुनवाई के लिए एक दिन पहले ही सूचीबद्ध किया जाएगा। यदि कोई वकील अपने केस को लेकर कोर्ट पहुंचता है तो उसको अपने हाजिर होने के लिए लिखित में देना होगा और अपने केस की जानकारी भी देनी होगी। यह जानकारी केस के सुनवाई से दो दिन पहले रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को देनी होगी।
रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को यह भी कहा गया है कि वह मुख्य गेट पर लोगों और वकीलों के आने जाने के लिए जरूरी बंदोबस्त करेंगे। इसमें सिक्योरिटी इंचार्ज को उन मामलों की जानकारी देनी होगी, जिनकी जिस दिन भौतिक सुनवाई होगी। कोर्ट आने वालों को मास्क पहनना जरूरी होगा, सोशल डिस्टेंस का ध्यान भी रखना होगा। जिला अदालतों के बारे निर्देश दिया कि जिला और सत्र न्यायाधीशों में आभासी सुनवाई के अलावा शामिल तात्कालिकता को ध्यान में रखा जा सकता है, जिसमें शामिल पक्षों के लिए सीधा वकील प्रत्यक्ष रूप से पेश होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। जेएनएफ
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दोनों पक्षों की सहमति से मामलों की सुनवाई प्रत्यक्ष रूप से होगी। हालांकि, जिन मामलों की वर्चुअल सुनवाई होगी, उसके लिए पहले से ही बताना होगा। रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल फिजिकल सुनवाई वाले मामलों की पहचान करेंगे और इन मामलों को सुनवाई के लिए एक दिन पहले ही सूचीबद्ध किया जाएगा। यदि कोई वकील अपने केस को लेकर कोर्ट पहुंचता है तो उसको अपने हाजिर होने के लिए लिखित में देना होगा और अपने केस की जानकारी भी देनी होगी। यह जानकारी केस के सुनवाई से दो दिन पहले रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को देनी होगी।
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रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को यह भी कहा गया है कि वह मुख्य गेट पर लोगों और वकीलों के आने जाने के लिए जरूरी बंदोबस्त करेंगे। इसमें सिक्योरिटी इंचार्ज को उन मामलों की जानकारी देनी होगी, जिनकी जिस दिन भौतिक सुनवाई होगी। कोर्ट आने वालों को मास्क पहनना जरूरी होगा, सोशल डिस्टेंस का ध्यान भी रखना होगा। जिला अदालतों के बारे निर्देश दिया कि जिला और सत्र न्यायाधीशों में आभासी सुनवाई के अलावा शामिल तात्कालिकता को ध्यान में रखा जा सकता है, जिसमें शामिल पक्षों के लिए सीधा वकील प्रत्यक्ष रूप से पेश होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। जेएनएफ
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