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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Now license will be given after 25 days driving course department will open driving training institute in every district in Jammu Kashmir

Jammu Kashmir: अब 25 दिन के ड्राइविंग कोर्स के बाद मिलेगा लाइसेंस, हर जिले में खुलेगा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

Wed, 13 Jul 2022 01:43 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 13 Jul 2022 01:43 PM IST
सार

प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक इंस्टीट्यूट बनेगा, जिसमें हल्के और भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन इंस्टीट्यूट में ड्राइविंग लाइसेंस ट्रेनिंग और टेस्ट से जुड़ी पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिकली रिकॉर्ड की जाएगी। 

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Now license will be given after 25 days driving course department will open driving training institute in every district in Jammu Kashmir
Driving licence - फोटो : Istock

विस्तार

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए अब आपको किसी आरटीओ या एआरटीओ कार्यालय में ट्रायल देने की जरूरत नहीं होगी। बिना ट्रायल के ही लाइसेंस बनेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार बड़ा बदलाव कर रही है। प्रदेश के हर जिले में पीपीपी मोड पर मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनेंगे। इन इंस्टीट्यूट में वाहन चालकों को 25 दिनों का ड्राइविंग कोर्स करना होगा। इसमें प्रेक्टिकल के साथ थ्योरी के बाद प्रमाण पत्र मिलेंगे। इसके आधार पर आवेदन करने के बाद आरटीओ व एसआरटीओ से ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा। 

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जम्मू-कश्मीर परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर इच्छुक लोगों से इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए आवेदन मांगे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक इंस्टीट्यूट बनेगा, जिसमें हल्के और भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन इंस्टीट्यूट में ड्राइविंग लाइसेंस ट्रेनिंग और टेस्ट से जुड़ी पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिकली रिकॉर्ड की जाएगी। 
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यह पूरी प्रक्रिया तकनीक से संचालित होगी, जिसमें किसी तरह से अन्य व्यक्ति की जरूरत नहीं होगी। ड्राइविंग इंस्टीट्यूट को मान्यता के लिए आवेदक के पास जगह, ड्राइविंग ट्रैक, आईटी और बायोमीट्रिक सिस्टम व निर्धारित सिलेबस के अनुसार ट्रेनिंग से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना होगा। इसके अलावा अधिकृत एजेंसी को ये सुनिश्चित करना होगा कि दो पहिया, तीन पहिया या हल्के मोटर वाहनों के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के पास कम से कम आठ कनाल जमीन होनी चाहिए, जबकि मध्यम और भारी यात्री, माल वाहनों या फिर ट्रेलरों की ट्रेनिंग के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के पास 16 कनाल जमीन होनी जरूरी है।
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सरकार तय करेगी प्रशिक्षण की फीस

जिला स्तर पर बनने वाले ड्राइविंग इंस्टीट्यूट के लिए सरकार फीस तय करेगी। वाहन सीखने के लिए दो से तीन हजार रुपए तक फीस होगी। इंस्टीट्यूट में लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक को तैनात किया जाएगा।


हर जिले में ड्राइविंग इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे। इनमें हल्के, मध्यम और भारी यात्री वाहनों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इंस्टीट्यूट में 25 दिनों की ट्रेनिंग होगी, जिसके आधार पर एक प्रमाण पत्र मिलेगा। लाइसेंस के लिए आवेदन के साथ प्रमाण पत्र को जमा करवाने के बाद बिना ट्रायल के लाइसेंस मिलेगा। -राज मोहम्मद मलिक, परिवहन विभाग सचिव, सरकार।

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