नार्थ टेक सिंपोजियम 2022: बदलते युद्ध क्षेत्र में सेना को तकनीक के साथ रहना होगा तैयार, ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत प्रणाली जरूरी
उधमपुर स्थित उत्तरी कमान में नार्थ टेक सिंपोजियम 2022 शुरू हो गया है। इस दौरान रक्षा उपकरणों समेत अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। डायनेमिक ऑपरेशनल स्थितियों और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सेना को समय तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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विस्तार
दो वर्ष बाद नार्थ टेक सिंपोजियम 2022 के कार्यक्रम को शुरु करने में खुशी हो रही है। इस बीच की अवधि ने हमें रक्षा निर्माण या रक्षा आत्मनिर्भरता के महत्व का अच्छी तरह से एहसास कराया है। रक्षा मंत्रालय ने 2025 तक 35000 करोड़ रुपये के निर्यात टारगेट सहित 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर (1.75 लाख करोड़ रुपये) के स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए एक सीमा निर्धारित की है। हमें डायनेमिक ऑपरेशनल स्थितियों और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए हर समय तैयार रहने की आवश्यकता है। इसके लिए बदलते युद्ध क्षेत्र में नवीन संसाधनों के साथ एक कदम आगे रहना होगा। यह बातें उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नार्थ टेक सिंपोजियम के उद्घाटन के दौरान कही।
उत्तरी कमान ढाई मोर्चे की धारणा पर आधारित
उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग, डीआरडीओ, डीपीएसयू, शिक्षा जगत से जुड़े लोगों, हेडक्वार्टर आईडीज, आर्मी मुख्यालय, आर्टैक मुख्यालय, अन्य कमांड्स और कैट ए के सारे आमंत्रित सदस्यों का स्वागत करते हुए प्रसन्नता हो रही है। उत्तरी कमान ढाई मोर्चे की धारणा पर आधारित है। मैदानी इलाकों से लेकर सुपर हाई एल्टीट्यूड के विभिन्न इलाकों, सामान्य से चरम मौसम और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के साथ तापमान शून्य से 50-70 डिग्री नीचे जा रहा है।
नार्दर्न कमांड हमेशा ही युद्ध के लिए तैयार
अपनी स्थापना के शीघ्र बाद से नार्दर्न कमांड हमेशा ही युद्ध के लिए तैयार रहती है। दो विभिन्न सेवाओं जैसे सीएपीएफ और सिविल एडमिन के साथ तालमेल में तेजी, उचित बल के उपयोग और बुनियादी ढांचे के विकास के संबंध में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के मूल्यवान सबक को सबने पूरी तरह से समझा है। हालांकि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अलग-अलग धारणाओं के संदर्भ में प्रदर्शित गतिशीलता को देखते हुए अभी भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।
रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना संगोष्ठी का विषय
उत्तरी कमान प्रमुख ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना संगोष्ठी का विषय है और उत्तरी कमान में ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करने के लिए नई तकनीकों को शामिल करना जरूरी है और यह दिन हमारी इन जरूरतों को बताता है। नॉर्थ टेक सिंपोजियम 2022 का उद्देश्य है भारतीय निजी क्षेत्र, डीपीएसयू, आरएंडडी संगठनों और शिक्षाविदों के साथ अधिक जुड़ाव को सक्षम करना, जो उत्तरी कमांड की परिचालन की जरूरतों को पूरा करने के लिए तकनीकी रूप से उन्नत प्रणालियों के विकास, निर्माण और शामिल करने में हमारे संभावित भागीदार हैं।
वैकल्पिक समाधानों का हमेशा स्वागत
सिंपोजियम से परीक्षणों और इसमें शामिल प्रौद्योगिकियों और उत्पादों की पहचान के लिए मार्ग प्रशस्त होगा। यह सभी रैंकों को अपने तकनीकी ज्ञान और कुशल व सुचारू संचालन के लिए सक्षम करेगा। इस स्टेज पर वैकल्पिक समाधानों का हमेशा स्वागत है। सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के संबंध में हम जिन समाधानों की तलाश कर रहे हैं वह सीएपीएफ जैसे बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और राज्य पुलिस जो उत्तरी कमांड के साथ जुड़े हुए हैं।
शनिवार को उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा
इसके अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के एलजी के संरक्षण में बहुत सारे कदम उठाए गए हैं, वह हमारे प्रयासों द्वारा साथ में हुए हैं। भारतीय सेना वर्तमान में विशेष प्रोजेक्ट्स के जरिए नागरिक प्रशासन के साथ लद्दाख में मॉडल गांव विकसित करने, इनर लाइन परमिट के रिव्यू और हिमालयन रेंज में एडवेंचर गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण सहित बुनियादी ढांचे के विकास जैसी विशेष परियोजनाओं में लगी हुई है। शनिवार को उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा।