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सदन न चले तो सदस्यों को न मिले मानदेय, जम्मू कश्मीर में आया प्रस्ताव
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 16 Dec 2016 02:16 PM IST
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जम्मू कश्मीर विधानसभा
- फोटो : फाइल फोटो
जम्मू कश्मीर विधान परिषद की एथेक्सि कमेटी ने अनूठी पहल की है। प्रस्ताव किया है कि विरोध प्रदर्शन के चलते तय समय के आधे समय तक अथवा कोरम के अभाव में सदन की कार्यवाही न चलने पर सदस्यों को उस दिन का मानदेय न दिया जाए। इसके लिए विधान परिषद के बिजनेस रूल्स में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया है।
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एमएलसी फिरदौस अहमद टाक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि इस संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाने से पहले सभी सदस्यों की राय ले ली जाए। बैठक में कहा गया कि देशभर में हाल के वर्षों में विभिन्न दलों के सदस्यों की ओर से गतिरोध पैदा करने के कारण सदन की कार्यवाही का कोई मतलब नहीं रह गया है।
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कहा गया कि सदन में गतिरोध के चलते कर अदा करने वालों की राशि जाया जाती है। साथ ही सरकारी कामकाज भी प्रभावित होता है। बैठक में विधान परिषद सदस्यों के आचार व्यवहार पर भी विचार हुआ। यह तय किया गया कि बैठक में जिन एजेंडा पर चर्चा हुई है, उसकी कार्यवाही रिपोर्ट सभी सदस्यों को भेजी जाए, ताकि उनके विचार और सुझाव लिए जा सकें।
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विधान परिषद सदस्य 20 तक भेजें सवाल, प्रस्ताव
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : File Photo
बैठक में यह भी तय किया गया कि कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश के साथ ही संसद सदस्यों का अध्ययन दल भेजा जाए। बैठक में सदन के अंदर तथा सदन के बाहर सदस्यों के आचार व्यवहार पर सुझाव भी दिए गए। इस दौरान बशीर अहमद वीरी, मोहम्मद मुजफ्फर परे तथा गुलाम नबी मोंगा उपस्थित थे।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए विधान परिषद के सदस्य 20 दिसंबर तक अपने सवाल, बिल और प्रस्ताव भेज सकते हैं। इस संबंध में विधान परिषद सचिवालय के अनुसार सदस्यों 10 तारांकित तथा पांच अतारांकित सवालों से ज्यादा न भेजने को कहा गया है। विधायकों से दो बिल व दो प्रस्तावों से ज्यादा न भेजने को कहा गया है।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए विधान परिषद के सदस्य 20 दिसंबर तक अपने सवाल, बिल और प्रस्ताव भेज सकते हैं। इस संबंध में विधान परिषद सचिवालय के अनुसार सदस्यों 10 तारांकित तथा पांच अतारांकित सवालों से ज्यादा न भेजने को कहा गया है। विधायकों से दो बिल व दो प्रस्तावों से ज्यादा न भेजने को कहा गया है।