{"_id":"23721d8653c5a53dbecd44baf4454f6b","slug":"no-pre-rain-prepration-in-jammu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस मुसीबत से निपटने का कोई बंदोबस्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस मुसीबत से निपटने का कोई बंदोबस्त नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 15 Jun 2015 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितंबर 2014 और मार्च 2015 में राज्य में बारिश ने ऐसा कहर बरसाया है कि इसको अभी तक लोग भूल नहीं सके हैं। दोनों ही संभाग में बारिश के कहर से इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि अभी तक इसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। पर्यावरण विभाग की रिपोर्ट ने दोनों ही बार इसका कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था न होना बताया है। भविष्य के लिए चेतावनी देने के बाद भी जम्मू और कश्मीर संभाग में अभी तक जल निकासी के प्रबंध नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
इस बार कुछ दिन बाद शुरू होने वाली बरसात में स्थिति पहले जैसे ही बनती नजर आ रही है। राज्य में कुछ दिनों के बाद मानसून की बारिश का सीजन शुरू हो जाएगा और अगर जरूरत से अधिक बारिश होती है तो फिर से शहरी इलाके जलभराव की परेशानी से जूझेंगे। जलभराव का मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था न होना है। 2014 में जब राज्य में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई थी, दोनों ही संभाग में शहरी इलाके बारिश के पानी से भर गए थे।
विज्ञापन
श्रीनगर में काफी जानमाल का नुकसान हुआ था। पर्यावरण विभाग ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए 120 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की तो इसमें इसका मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था होना बताया गया। सरकार से कहा गया कि इसको लेकर उचित प्रबंध किए जाएं, लेकिन सरकार ने इसको गंभीरता से लेकर कोई काम नहीं किया। मार्च, अप्रैल 2015 में फिर से बारिश ने फिर कहर बरसाया और फिर वहीं स्थिति सामने आ चुकी है।
विज्ञापन
दूसरी बार भी इससे सबक लेकर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। अब अगर फिर से 2014 की तरह बारिश होती है तो हालात पिछले वर्ष की तरह बनेंगे।