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लिफ्ट, एसी ठप होने से जीएमसी खुद 'बीमार'

Wed, 23 Jul 2014 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 23 Jul 2014 12:25 PM IST
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no facility in government medical college

जीएमसी में चिकित्सा सुविधाएं ठप होने से मरीज बेहाल है। नई इमरजेंसी ब्लाक में छह दिन से लिफ्ट बंद होने के कारण तीमारदारों को मजबूरन मरीजों को स्ट्रेचर पर डालकर ऊपर के वार्डों तक ले जाना पड़ रहा है।

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वार्ड में भी किसी मरीज की हालत खराब होने पर इस प्रक्रिया से गुजरकर नीचे इमरजेंसी तक पहुंचाया जा रहा है। इमरजेंसी में रैंप की कोई व्यवस्था न होने से मरीजों के पास सिर्फ सीढ़ियां की विकल्प है।
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संबंधित कंपनी को मेनटेनेस चार्जेस न देने से भी यह समस्या बढ़ी है। इसी तरह स्पाइनल और अन्य संवेदनशील यूनिटों में एसी यूनिट के नियमित काम न करने से मरीजों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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अस्पताल अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ी इमरजेंसी की लिफ्ट को चालू करने के लिए बंगलरू से जरूरी उपकरण लाया जा रहा है। सभी वार्डों में एसी को भी नियमित चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

जीएमसी के नई इमरजेंसी ब्लाक में पहुंचने वाले मरीजों को लिफ्ट बंद होने से भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। आधुनिक सुविधाओं से इस ब्लाक में लिफ्ट के साथ रैंप की सुविधा न होना भी कई सवाल खड़े करता है।

इमरजेंसी में मरीज को प्राथमिक चिकित्सा देकर पहले फ्लोर के वार्ड पर शिफ्ट किया जाता है। लेकिन पहले वार्ड तक गंभीर मरीजों को ले जाने के लिए पिछले छह दिन से तीमारदारों को कड़ी कसरत करनी पड़ रही है।


हालांकि ऊपर के फ्लोर के लिए पुराने बी-1 ब्लाक से रैंप की सुविधा है। लेकिन वहां से भी जाने के लिए मरीजों के साथ तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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