परिसीमन के फेर में फंसी सियासत, जम्मू कश्मीर में फिलहाल विधानसभा चुनाव के आसार नहीं
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव के आसार नहीं है। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट के तहत प्रदेश में विधानसभा सीटों का परिसीमन कर सात सीटें बढ़ाई जानी हैं। परिसीमन कमेटी गठित करने की प्रक्रिया ही अभी शुरू नहीं हुई है। कमेटी बनने के बाद भी छह से आठ महीने का समय विधानसभा क्षेत्रों में परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करने और फिर सरकार को रिपोर्ट सौंपने में लगेगा।
सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट के तहत प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या वर्तमान में 83 से बढ़कर 90 होगी। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन होना है। राज्य रहते जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 87 होती थी।
लद्दाख के अलग होने से वहां की चार विधानसभा सीटें कम हो गईं। जम्मू कश्मीर उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू कई बार जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की बात कर चुके हैं, लेकिन अभी इस सिलसिले में काफी कुछ किया जाना बाकी है। सरकारी स्तर पर परिसीमन आयोग के गठन पर मंथन का दौर जारी है और अगले कुछ महीनों में इस संबंध में कमेटी का गठन भी किया जा सकता है।
वेट एंड वाच की स्थिति में सियासी दल
प्रदेश के राजनीतिक दल खासतौर से कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी फिलहाल वेट एंड वाच की स्थिति में हैं और इन दलों की गतिविधियां भी काफी सीमित हो चुकी हैं। पीडीपी के एक बड़े नेता ने बताया कि उन्हें मालूम है कि करीब एक साल तक प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले नहीं हैं। ऐसे में वेट एंड वाच की रणनीति ही सबसे बेहतर विकल्प है। राजनीतिक पार्टियों में केवल भाजपा ही प्रदेश में सक्रिय नजर आ रही है।