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राज्यपाल ने महबूबा मुफ्ती को लिखा खत, कहा- बेईमानों पर कार्रवाई करे सरकार
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 17 Feb 2017 07:35 PM IST
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गवर्नर एनएन वोहरा
- फोटो : File Photo
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स्टेट विजिलेंस कमीशन (एसवीसी) द्वारा दाखिल की गई रिपोर्टों पर लगातार कार्रवाई न किए जाने से खिन्न राज्यपाल एनएन वोहरा ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर बेईमानों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
राज्यपाल ने कहा, पिछले कई वर्षों से विजिलेंस द्वारा दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाली जा रहीं हैं। समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। और तो और, एसवीसी द्वारा विजिलेंस कमीशन एक्ट, 2011 में संशोधन संबंधी की गई सिफारिशों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को सुझाव देते हुए कहा है कि फौरी समीक्षा करते हुए सुनिश्चित करना होगा कि मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवाें के पास लंबित रिपोर्टों और सिफारिशों पर बिना देरी के कार्रवाई हो। राज्यपाल ने कहा कि एसवीसी की स्थापना प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेही और ईमानदारी के साथ चलाने के लिए की गई थी।
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ऐसे में यह लाजमी हो जाता है कि सरकारी मशीनरी का हिस्सा होने के बावजूद बेईमानी से काम करने वाले लोगों के खिलाफ बिना देरी के कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि एसवीसी की रिपोर्टों और सिफारिशों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो ऐसी स्थिति के लिए कोई भी तर्क स्वीकार योग्य नहीं हो सकता।
उल्लेखनीय है कि इसी महीने चीफ विजिलेंस कमिश्नर कुलदीप खुड्डा ने राज्यपाल से दो बार मुलाकात की थी। राज्यपाल ने खुड्डा से कमीशन द्वारा की गई सिफारिशों और उन पर हुई कार्रवाई का ब्योरा लिया था।
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राज्यपाल ने कहा, पिछले कई वर्षों से विजिलेंस द्वारा दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाली जा रहीं हैं। समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। और तो और, एसवीसी द्वारा विजिलेंस कमीशन एक्ट, 2011 में संशोधन संबंधी की गई सिफारिशों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को सुझाव देते हुए कहा है कि फौरी समीक्षा करते हुए सुनिश्चित करना होगा कि मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवाें के पास लंबित रिपोर्टों और सिफारिशों पर बिना देरी के कार्रवाई हो। राज्यपाल ने कहा कि एसवीसी की स्थापना प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेही और ईमानदारी के साथ चलाने के लिए की गई थी।
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ऐसे में यह लाजमी हो जाता है कि सरकारी मशीनरी का हिस्सा होने के बावजूद बेईमानी से काम करने वाले लोगों के खिलाफ बिना देरी के कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि एसवीसी की रिपोर्टों और सिफारिशों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो ऐसी स्थिति के लिए कोई भी तर्क स्वीकार योग्य नहीं हो सकता।
उल्लेखनीय है कि इसी महीने चीफ विजिलेंस कमिश्नर कुलदीप खुड्डा ने राज्यपाल से दो बार मुलाकात की थी। राज्यपाल ने खुड्डा से कमीशन द्वारा की गई सिफारिशों और उन पर हुई कार्रवाई का ब्योरा लिया था।