पाक आतंकी को लेकर कश्मीर गई एनआईए टीम
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कसाब के सात साल बाद जिंदा पकड़े गए आतंकी कासिम उर्फ उस्मान उर्फ नावेद से जानकारियां उगलवाने के लिए तमाम जांच एजेंसियों के आला अफसर जम्मू पहुंच गए हैं। कासिम एनआईए के हवाले है। एनआईए की टीम आईजी संजीव कुमार के नेतृत्व में रियासत में डेरा डाले हुए है।
एनआईए की टीम द्वारा मुठभेड़ स्थल का भी दौरा किया गया। आतंकी कासिम को उन सभी स्थानों पर ले जाया जाएगा जहां रुकने और जहां से भारतीय क्षेत्र में उसके द्वारा घुसपैठ करने की उसके द्वारा पूछताछ में जानकारी दी गई है।
वीरवार को एनआईए टीम नावेद को लेकर जम्मू स्थित टाइगर डिवीजन पहुंची। जहां से देर शाम उसे श्रीनगर ले जाया गया। कश्मीर में उन ठिकानों की पड़ताल की जाएगी, जहां घुसपैठ के बाद उसने पनाह ली। वह अपने बयान कई बार बदल चुका है।
आतंकी प्रशिक्षण शिविर में दो तरह का प्रशिक्षण दिया गया
सूत्रों की मानें तो ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) में पूछताछ के दौरान पाकिस्तानी आतंकी ने कबूल किया कि उसे लश्कर के आतंकी प्रशिक्षण शिविर में दो तरह का प्रशिक्षण दिया गया था। पहले दौर की ट्रेनिंग में दौर-ए-आम ट्रेनिंग दी गई।
इसमें फिजिकल फिटनेस के अलावा पहाड़ चढ़ने और छोटे हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद उसे दूसरे दौर में दौर-ए-खास के तहत असाल्ट राइफल चलाने और छोटे विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग दी गई थी।
उसने यह भी कबूल किया कि वह अन्य तीन आतंकियों के साथ उत्तरी कश्मीर क्षेत्र से फेंसिंग काट कर भारतीय क्षेत्र में घुसा था। हालांकि बुधवार को उसने तार न काटने की बात कही थी और यह भी कहा था कि उसने जंगल के रास्ते पुंछ में घुसपैठ की थी।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह और अन्य तीन आतंकी टंगमर्ग और बाबा रेशी में भी रहे। वहां से उन्होंने अवंतीपोरा (पुलवामा) में अपना बेस शिफ्ट किया। जहां वे लोग पहाड़ी में बनी एक गुफा में रहे। इसके बाद दो-दो के ग्रुप में चारों आतंकी बंट गए और वह मोमिन (मारे गए आतंकी) के साथ दक्षिण कश्मीर के कुलगाम चला गया।