उधमपुर हमला: NIA की घाटी में ताबड़तोड़ छापेमारी
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उधमपुर आतंकी हमले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम ने एक बार फिर कश्मीर घाटी में दबिश दी है। इस हमले में शामिल आतंकियों का फाइनेंसर आशिक हुसैन भट्ट और ड्राइवर खुर्शीद अहमद अशवर उर्फ सेठा अभी फरार है।
उसकी तलाश में छापामारी की जा रही है। पिछले दिनों एनआईए ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया था। बताया जाता है कि एनआईए की टीमों ने स्थानीय पुलिस की मदद से कुलगाम और पुलवामा में कुछ स्थानों पर दबिश दी, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पांच अगस्त को पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद और मोहम्मद नोमान ने उधमपुर के पास बीएसएफ के काफिले पर हमला किया था। इसमें बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे। नोमान को सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर ही ढेर कर दिया था, जबकि नावेद को दो ग्रामीणों ने जिंदा पकड़ लिया था।
सेठा पर एनआईए ने दो लाख का इनाम रखा
गिरफ्तारी के बाद नावेद ने एनआईए को बताया था कि जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने के बाद लश्कर के किन ओवर ग्राउंड वर्करों ने आतंकियों की मदद की थी। इसके अलावा वह कहां-कहां ठहरे थे।
बताया जाता है कि फाइनेंसर आशिक हुसैन ने उन्हें आर्थिक मदद करने के अलावा तमाम सुविधाएं मुहैया करवाईं थीं, लेकिन घटना के बाद से वह फरार है। इसके अलावा घटना के दिन जिस ट्रक में नावेद और नोमान कश्मीर से उधमपुर पहुंचे थे, उस ट्रक का ड्राइवर सेठा अभी भी एनआईए की पकड़ में नहीं आया है।
सेठा पर एनआईए ने दो लाख का इनाम भी रखा है। बताया जाता है कि एनआईए इस मामले में जल्द ही चालान अदालत में पेश करने की तैयारी में है। इसलिए चालान से पहले वह आशिक और सेठा को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।