फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   NIA Custodial death of one Identified as Rizwan Asad Pandit of Awantipore, Pulwama

जम्मू-कश्मीर: अवंतीपोरा में एनआईए की हिरासत में एक संदिग्ध की मौत

Tue, 19 Mar 2019 12:56 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: देव कश्यप Updated Tue, 19 Mar 2019 12:56 PM IST
विज्ञापन
NIA Custodial death of one Identified as Rizwan Asad Pandit of Awantipore, Pulwama
रिजवान असद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में एनआईए की हिरासत में एक संदिग्ध की मौत हो गई है। संदिग्ध की पहचान अवंतीपोरा, पुलवामा निवासी रिजवान असद पंडित के रूप में हुई है। सूत्रों का कहना है कि उसे एनआईए द्वारा कुछ दिनों पहले उठाया गया था और विशेष संचालन समूह (जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओजी) शिविर में पूछताछ के लिए रखा गया था। जहां सोमवार रात को उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


पुलिस का कहना है कि, 'उसे हिरासत में लिया गया था, वह संदिग्ध आतंकी था और उसकी पृष्ठभूमि आतंकवाद से जुड़ी थी, हम तथ्यों का पता लगा रहे हैं कि उसकी मौत कैसे हुई है।'
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि रिजवान असद एक स्कूल शिक्षक था, जिसे 31 दिसंबर 2017 को लेथपोरा में सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर पर हुए फिदायीन हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया था। इस हमले को जैश के दो स्थानीय फिदायीन आतंकियों ने अंजाम दिया था। हमले में पांच सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस हमले के बाद रिजवान को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उसे समय-समय पर पूछताछ के लिए बुलाया जाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि रिजवान जैश के लिए ओजीडब्ल्यू का काम करता था।सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, एमएससी पास रिजवान एक स्कूल का प्रिंसिपल था और इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नालाजी में पूर्व गेस्ट लेक्चरर था।

एजेंसियों का कहना है कि उसका नाम 14 फरवरी को हुए पुलवामा अटैक के बाद एनआईए के संदिग्धों की सूची में था।

भाई को पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं

रोपी शिक्षक  रिजवान असद पंडित की पुलिस हिरासत में मौत के बाद परिवार के लोगों ने पुलिस पर सवाल खड़े किए। रिजवान के भाई जुलकर नैन ने किसी भी जांच से असहमति जताते हुए कहा कि यहां कोई जांच कभी पूरी नहीं हुई। उसके भाई को बिना किसी कसूर के मारा गया है। यह एक ‘कोल्ड ब्लडेड मर्डर’ है।

नैन के अनुसार, पुलिस ने रिजवान को कुछ दिन पहले घर से उठाया। इसके बाद उनसे कहा गया कि वह श्रीनगर एसओजी की हिरासत में है और इसमें पुलवामा पुलिस उनकी कोई सहायता नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि मंगलवार जब उनके पास यह खबर पहुंची तो उनको यकीन नहीं हुआ। रिजवान की मौत की खबर के बाद रिजवान के घर पर बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया।

पुलिस ने भी शुरू की जांच
इस घटना के सामने आते ही शुरू में पुलिस ने काफी देर तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन बाद में पुलिस ने घटना पर कहा कि एक आतंकी घटना के संबंध में तफ्तीश के लिए रिजवान पंडित को हिरासत में लिया गया था। प्रवक्ता के अनुसार उसकी हिरासत में मौत हुई है। इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 176 के तहत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घटना को लेकर एक अन्य जांच भी शुरू की जा चुकी है।
एनआईए ने कहा, हमने किसी पूछताछ को नहीं बुलाया

हमने पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था: एनआईए
 वहीं शुरू में मामले के साथ एनआईए (नेशनल इन्वेस्टीगेटिव एजेंसी) को जोड़े जाने को लेकर एनआईए ने भी अपना पक्ष रखा। एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने बताया कि एनआईए द्वारा न तो रिजवान को किसी पूछताछ के लिए बुलाया गया था और न ही एनआईए द्वारा जारी किसी जांच में उससे किसी अन्य जगह पर पूछताछ की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed