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पंजाब की बिजली दौड़ा रही जम्मू तक ट्रेन
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 25 Feb 2015 11:29 PM IST
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पंजाब की बिजली अभी जम्मू तक ट्रेनों को दौड़ा रही है। इसमें भी कई ट्रेनों को विद्युतीकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। रेल बजट आज पेश होने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर को रेल विभाग की जारी विभिन्न परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद है।
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ट्रैक के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का मामला सबसे बड़ा है। यह काम हालांकि चल रहा है, लेकिन इतनी धीमी गति से यह काम हो रहा है, जिससे यात्रियों को उम्मीद ही नहीं बंधती कि यह काम पूरा होगा भी या नहीं।
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जम्मू से उधमपुर रेल खंड की विद्युतीकरण परियोजना जुलाई 2011 में आरंभ की गई थी, जबकि उधमपुर कटड़ा रेल खंड पर विद्युतीकरण परियोजना सितंबर 2013 में शुरू हुई थी, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।
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विद्युतीकरण को लेकर खंभों पर तार चढ़ाने के बाद का काम ही पूरा नहीं हुआ है और इन तारों के एडजस्टमेंट में कितना वक्त और लगेगा, यह कहना मुश्किल है। जम्मू-पठानकोट रेलखंड पर विद्युतीकरण परियोजना पूरी हो गई है जबकि पंजाब की बिजली से ट्रेनों को चलाया जा रहा है।
अब तक राजधानी, हिमगिरि, दुरंतो और स्वराज एक्सप्रेस लंबी दूरी की रेलगाड़ियां ही पठानकोट-जम्मू रेलखंड के विद्युतीकरण से लाभ उठाते हुए जम्मू तक आ पा रही हैं। जम्मू- पठानकोट रेल खंड पर दौड़ने वाली बाकी ट्रेनों को बिजली की कमी खल रही है।
रेलवे की ओर से जम्मू कश्मीर पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को साढ़े दस करोड़ रुपये पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन बिजली की सुविधा अभी तक न मिलने से जम्मू से कटड़ा रेल खंड पर अभी तक डीजल लोको से ही ट्रेनें पहुंच रही हैं।
इसके अलावा रेलवे ट्रैक दोहरीकरण का लाभ अभी तक जम्मू-जालंधर रेल खंड को नहीं मिल सका है। इस रेल खंड पर रेलवे के चार पुलों पर काम जारी है। यह पुल कब पूरे होंगे, कहना मुश्किल है।
बताया जा रहा है कि जम्मू से जालंधर तक रेलखंड का दोहरीकरण का काम हो चुका है, लेकिन इसका पूरा लाभ चार पुलों सांबा-बसंतर सेक्शन, राजबाग उज्ज दरिया, व्यास दरिया और रावी दरिया पर बन रहे पुलों के पूरा होने के बाद ही मिल पाएगा।