मिरगुंड में आतंकियों का हमला करने का मंसूबा नहीं था: डीआईजी
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उत्तरी कश्मीर के मिरगुंड इलाके में शुक्रवार को पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल आतंकियों के पुलिस के हाथ लगे पहचान पत्र नकली साबित हुए हैं।
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पहचान पत्र पर दिखाए गए साक्ष्य इस तरह की पहचान के कोई ऐसे व्यक्तियों के सोपोर और बांदीपुरा में मौजूद होने की खबर नहीं है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन 2 आतंकियों ने मिरगुंड इलाके में 3 पुलिसकर्मियों सहित एक चालक को हमले में घायल किया था। घटना स्थल पर नकली पहचान पत्र छोड़कर फरार हुए।
हमला करने का कोई मंसूबा नहीं था
उन्होंने बताया कि एक पहचान पत्र पर आतंकी का पता पाने मोहल्ला बांडीपुरा है जबकि दूसरे पर सोपोर। लेकिन दोनों पहचान पत्र नकली हैं। क्योंकि इस नाम और पते का कोई भी व्यक्ति उन इलाकों में है ही नहीं।
उत्तरी कश्मीर रेंज के डीआईजी गरीब दास के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आतंकियों का मिरगुंड इलाके में हमला करने का कोई मंसूबा नहीं था। वह श्रीनगर की ओर जा रहे थे।
उन्होंने तब हमले को अंजाम दिया जब पुलिस द्वारा उन्हें मिरगुंड के करीब रोका गया और अपने पहचान पात्र दिखने को कहा गया। इसके बाद मौके से भागने के प्रयास में आतंकवादियों द्वारा पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं। डीआईजी ने कहा कि आतंकियों की धर पकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है।