फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   news story on kashmir's Naudal

कश्मीर का ये गांव 1892 से लड़ रहा बिजली के लिए

Wed, 05 Aug 2015 01:18 PM IST
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:18 PM IST
विज्ञापन
news story on kashmir's Naudal

आज के इस आधुनिक युग में भले ही यह बात सुनकर हैरानगी होती हो, मगर यह बात सच है कि इक्कीसवीं सदी में भी त्राल का एक गांव नौदल ऐसा है, जो बिजली सुविधा से अभी तक महरूम है।

विज्ञापन

 
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के नौदल गांव में करीब 1200 चूल्हे दर्ज हैं और इसकी औसतन आबादी 5000 के करीब है लेकिन यहां के स्थानीय लोग आज भी बिजली को तरस रहे हैं।
विज्ञापन


स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दशकों से वह बिजली की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई। स्थानीय निवासी इरफान अहमद का कहना है कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से सुना है कि वर्ष 1892 से यहां के लोग गांव में बिजली लाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन अभी भी उनके हाथ निराशा ही लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इरफान के अनुसार गांव की कई पीढि़यां खत्म हुई मगर मांग पूरी नहीं हुई। कभी इस गांव के लोगों को दूसरे गांवों से बिजली फरहाम की जाती, लेकिन फिर कुछ समय बाद काट दी जाती।

बिजली के लिए विधायक से भी की गई अपील

news story on kashmir's Naudal

एक ओर स्थानीय निवासी शाहिद भट के अनुसार दस वर्ष पूर्व साथ के गांव से उन्हें बिजली मुहैया करवाई गई थी लेकिन फिर बाद में गांव वालों ने बिजली देना बंध कर दिया। तब से वह बिजली की मांग को लेकर नेता से लेकर हर अधिकारी का दरवाजा खटखटाया मगर हासिल कुछ नहीं हुआ।

भट के अनुसार जिला बिजली विभाग ने इस गांव को बिजली देने के कार्य में लगने वाली लागत केवल 7 लाख बताई है। मगर केवल 4 लाख वह दे रहे हैं। जबकि बाकी की रकम के लिए इलाके के लोगों ने विधायक से मदद की मांग की लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी।

ऐस बर्ताव को देख लोग अब आक्रोशित हैं। उन्हें रोष है कि वोट मांगने के वक्त सब उनसे बड़े -बड़े वादे करते हैं लेकिन जब मदद की मांग की जाती है तो कोई साथ नहीं देता।

लोग मजबूरन अब धरना प्रदर्शन पर उतर आए हैं और उनका कहना है कि यह सब ऐसे ही जारी रहेगा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती। वहीं, विभाग के चीफ इंजीनियर से जब संपर्क साधने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं साधा जा सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed