पहले शहर की बिजली काटी फिर 10 करोड़ का चावल किया दफन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के चावल को दफन करने के लिए बसेनी क्षेत्र में हुए विरोध के बाद प्रशासन ने रातों रात ट्रकों को मजालता के बरनाडा क्षेत्र में पहुंचाया। बरनाडा में आनन-फानन में गड्ढे खोदकर उसमें सात ट्रक चावलों को दबा दिया गया। प्रशासन ने इतनी तैयारी की थी कि पहले पूरे क्षेत्र की बिजली बंद कर दी गई।
इसके बाद तीन जेसीबी पहुंची। एक घंटे में गड्ढे खोदे गए। हालांकि कुछ लोग जेसीबी की आवाज सुनकर बाहर आए और रात में काम लगाने की जानकारी ली तो बताया गया कि तालाब तैयार करने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। नागरिकों ने आज जम्मू कश्मीर सरकार के खिलाफ 10 करोड़ रूपये मूल्य का 5000 टन चावल सड़ने के विरोध में प्रदर्शन किया। यह चावल राज्य को बाढ़ राहत वितरण के मकसद से भेजा गया था।
आधी रात के बाद अचानक ट्रक पहुंच गए। ट्रकों से चावलों को इन गड्ढों में डाला गया और ऊपर से मिट्टी से उसे दबाकर सभी चले गए। इस मामले में प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को भनक भी नहीं लगने दी।
बरनाडा में दबाया गया अन्न
पुलिस टीम भी जिला पुलिस हेडक्वार्टर से गई और चावल दफनाए जाने तक साथ रही। ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा नहीं हो। इस पूरे में प्रशासन या स्थानीय लोगों ने कुछ भी खुलकर नहीं कहा। सूत्रों के अनुसार करीब दस ट्रक खराब चावलों से भरे हुए थे। जो फेंके गए और ट्रकों को अनलोड किया गया।
गद्दी सिप्पी हास्टल की इमारत में रखे इन चावलों की बोरियां अभी भी मौजूद हैं। इन बोरियों में रखे करीब पचास हजार क्विंटल चावलों को भी गुपचुप तरीके से अलग-अलग जगहों पर दफनाया जाएगा। सूत्रों ने बताया पूरी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से रात के समय की जाएगी।
प्रशासन के लिए इन खराब चावलों को दफनाना मुसीबत बन गया है। इतनी संख्या में खराब चावलों की बोरियों को दफनाने के लिए काफी समय चाहिए। लोगों का गुस्सा भड़कने की भी आशंका है।