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Jammu News: किसानों का दर्द कम करेगा एसडीआरएफ, बर्बाद फसल का मिलेगा मुआवजा
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जम्मू। आपदा में बर्बाद हुई फसल की भरपाई एसडीआरएफ से हो सकती है। हालांकि, प्रदेश आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से भरपाई के लिए सरकार को मानक तय करने होंगे। इसके लिए राजस्व विभाग और जिला प्रशासन को आकलन कर रिपोर्ट पहले सरकार को भेजनी होगी। इस रिपोर्ट को धरातल पर कृषि विभाग बनाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रवार नुकसान तय होगा और भरपाई के लिए बजट तैयार किया जाएगा।
बाढ़ आने, तूफान, सूखे से या फिर फसलों पर टिड्डी दल के हमले समेत अन्य कारणों से पड़ने वाले असर में सरकार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। प्रदेश में इससे पहले 2023 में बाढ़ और तूफान से बर्बाद हुई गेहूं फसल के मामले में एसडीआरएफ से किसानों को मदद मिल चुकी है। हालांकि, उस समय जम्मू-कश्मीर में कोई निर्वाचित सरकार नहीं थी।
इसके अलावा फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों और बागवानों को लाभ पहुंचाया गया था। प्रदेश में 2023 में गेहूं पर मार्च और अप्रैल के महीने में बारिश का असर रहा था। इस अवधि में किसानों की फसल तेज बहाव की भेंट बढ़ गई थी।
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एसडीआरएफ के अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी मदद पहुंचाई गई थी। प्रदेश के किसानों को 31 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। 2023 के बाद फसल बर्बादी के मामले में फिलहाल एसडीआरएफ से कोई मदद नहीं दी गई है।
एसडीआरएफ में है मदद का प्रावधान: कपूर
एसडीआरएफ के सूचना अधिकारी संजीव कपूर ने बताया कि एसडीआरएफ से फसल बर्बाद होने के मामले में मदद देने का प्रावधान है। दो साल पहले फसल बर्बाद होने पर एसडीआरएफ से मदद दी गई थी। एसडीआरएफ से मदद के लिए नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग की तरफ से भेजी जाती है।
::कोट::आपदा में बर्बाद हुई फसल को ही एसडीआरएफ में मदद मिल सकती है। इसके लिए नियमों में प्रावधान है। किसी इंसानी गलती से फसल बर्बाद हो तो इसकी भरपाई एसडीआरएफ नहीं करता है। राकेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त जम्मू
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बाढ़ आने, तूफान, सूखे से या फिर फसलों पर टिड्डी दल के हमले समेत अन्य कारणों से पड़ने वाले असर में सरकार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। प्रदेश में इससे पहले 2023 में बाढ़ और तूफान से बर्बाद हुई गेहूं फसल के मामले में एसडीआरएफ से किसानों को मदद मिल चुकी है। हालांकि, उस समय जम्मू-कश्मीर में कोई निर्वाचित सरकार नहीं थी।
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इसके अलावा फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों और बागवानों को लाभ पहुंचाया गया था। प्रदेश में 2023 में गेहूं पर मार्च और अप्रैल के महीने में बारिश का असर रहा था। इस अवधि में किसानों की फसल तेज बहाव की भेंट बढ़ गई थी।
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एसडीआरएफ के अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी मदद पहुंचाई गई थी। प्रदेश के किसानों को 31 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। 2023 के बाद फसल बर्बादी के मामले में फिलहाल एसडीआरएफ से कोई मदद नहीं दी गई है।
एसडीआरएफ में है मदद का प्रावधान: कपूर
एसडीआरएफ के सूचना अधिकारी संजीव कपूर ने बताया कि एसडीआरएफ से फसल बर्बाद होने के मामले में मदद देने का प्रावधान है। दो साल पहले फसल बर्बाद होने पर एसडीआरएफ से मदद दी गई थी। एसडीआरएफ से मदद के लिए नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग की तरफ से भेजी जाती है।
::कोट::आपदा में बर्बाद हुई फसल को ही एसडीआरएफ में मदद मिल सकती है। इसके लिए नियमों में प्रावधान है। किसी इंसानी गलती से फसल बर्बाद हो तो इसकी भरपाई एसडीआरएफ नहीं करता है। राकेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त जम्मू