फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   news about sopore march called by separatists

सोपोर मार्च नाकाम, घाटी में कर्फ्यू जैसे हालात

Sat, 20 Jun 2015 12:22 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली/ अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली/ अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sat, 20 Jun 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
news about sopore march called by separatists

आतंकियों द्वारा बीते करीब एक महीने में छह लोगों की हत्या किए जाने के खिलाफ अलगाववादियों द्वारा आयोजित सोपोर मार्च को प्रशासन ने नाकाम बना दिया। मार्च में शामिल होने जा रहे कट्टरवादी सैयद अली शाह गिलानी सहित कई अलगाववादियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई प्रमुख अलगाववादियों को नजरबंद रखा गया है। घाटी में कर्फ्यू जैसे हालात रहे।

विज्ञापन


एहतियात के तौर पर कई इलाकों में प्रतिबंध रहे। श्रीनगर से सोपोर जाने वाले हाईवे को सील कर दिया गया था। कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए। इससे सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा। हुर्रियत के गिलानी तथा मीरवाइज गुट की ओर से शुक्रवार को सोपोर में संयुक्त कार्यक्रम का एलान किया गया था। पिछले कई दिनों से नजरबंद हुर्रियत (जी) अध्यक्ष सैय्यद अली शाह गिलानी सोपोर मार्च में शामिल होने के लिए नजरबंदी तोड़ते हुए जैसे ही बाहर निकले, सुरक्षा बलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन


गिलानी सहित उनके कई समर्थकों को हुमहामा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। गिलानी का कहना है कि वे मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे। उनका मार्च शांतिपूर्ण था, लेकिन सरकार ने पूरी घाटी में प्रतिबंध लागू कर सैकड़ों आजादी समर्थकों तथा कार्यकर्ताओं को रोक लिया ताकि इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम को विफल किया जा सके। उधर, मार्च को देखते हुए डाउन टाउन क्षेत्र के खनियार, सफाकदल, नौहट्टा, रैनावारी, एमआर गंज एवं कर्लकुद इलाके में प्रतिबंध लगाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही मायसुमा थाना क्षेत्र, लाल चौक, पारिमपोरा के साथ ही शहर के बाहरी इलाकों में भी प्रतिबंध लागू रहे। बारामुला जिले के सोपोर, पलहालान और बारामुला में भी पाबंदी थी। पारिमपुरा, पलहालान, संग्रामा, पट्टन के अलावा कई अन्य जगहों पर सीआरपीएफ द्वारा मोबाइल बंकर लगाए गए थे ताकि कोई भी सोपोर की ओर न जा सके। श्रीनगर के जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

बारामुला जिले के नारबल से भी प्रदर्शन मार्च निकालने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस ने मिर्गुंड के पास प्रदर्शनकारियों को राक दिया। पट्टन के करीरी इलाके में सुरक्षा बलों पर भीषण पत्थरबाजी की गई। यह कई घंटे तक भिड़ंत जारी रही। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।


इसके पहले वीरवार रात में ही कई अलगाववादियों को नजरबंद कर दिया गया था ताकि वे सोपोर न जा सकें। इनमें हुर्रियत (एम) अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक, मोहम्मद शरफ सरई, एयाज अकबर, शब्बीर अहमद शाह तथा नईम खान शामिल रहे। जेकेएलएफ के चेयरमैन मोहम्मद यासिन मलिक को बडगाम जिले के चाडूरा इलाके से बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed