वैष्णो देवी: नोटबंदी की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट का नया रिकार्ड
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 24 नवंबर वीरवार को आठ हजार के करीब यात्रियों का पंजीकरण किया गया था। जबकि शुक्रवार 25 नवंबर को 10 हजार के करीब यात्रियों ने ही भवन में माथा टेका था।
शनिवार देर शाम तक कक्ष के बंद होने में कुछ घंटे पहले तक भक्तों की संख्या मात्र आठ हजार तक ही पहुंच पाई थी। मगर शनिवार और रविवार छुट्टी होने के कारण आंकड़ा बारह हजार तक पहुंच सकता है।
नोटबंदी और सीम पर तनाव बने वजह
पिछले दस वर्षों के आंकड़े पर अगर नजर डालें तो नोटबंदी के चलते इन दिनों पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि एक दिन में भक्तों की संख्या आठ हजार का आंकड़ा तक पहुंच रही है। इससे पहले वर्ष 2008 में 13 अगस्त को अमरनाथ जमीन आंदोलन के दौरान सबसे कम छह हजार के करीब यात्रियों ने प्राकृतिक पिडिंयों के दर्शन किए थे।
जबकि उसके बाद कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि यात्रा में इतनी अधिक गिरावट रही हो। यात्रा में इस गिरावट से धर्मनगरी के व्यवसाय पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। हर कोई भारी मंदी से परेशान है।अमूमन हर वर्ष यात्रियों की सबसे कम संख्या जनवरी और फरवरी महीने में रहती है। उस दौरान भी हर रोज आठ से दस हजार के करीब यात्री दर्शन करते रहे हैं।
हर वर्ष नवंबर महीना यात्रियों की संख्या में नजरिये से सामान्य रहता है। जबकि इस वर्ष गर्मी शुरू होते ही पहले कश्मीर के हालात सामान्य ना होने के कारण और फिर बार्डर पर गोलाबारी और अब देश में नोटबंदी के चलते हालात ने वैष्णो देवी के दरबार में माथा टेकने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट लाई है।